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संयुक्त अस्पताल में 10 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में छह-छह बेड आरक्षित
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अमरोहा। डेंगू और मलेरिया के रोगियों की इलाज के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। जिला संयुक्त अस्पताल में दस और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी छह-छह बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां पर इलाज के इंतजाम कर लिए गए हैं। इसके साथ ही क्लोरोक्वीन, प्राइमाक्वीन, पैरासिटामोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है इसके साथ ही छिड़काव के लिए मैलाथियान, लार्वा साईडल, टेमीफास, ब्लाचिंग पाउडर की खेप है। इसे नगर पालिका परिषद-नगर पंचायत के अलावा पंचायती राज विभाग को आवंटित कर दिया गया है। रोजाना शहर और देहात में छिड़काव शुरू हो गई है।
डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि जिले में डेंगू और मलेरिया का रोगी नही हैं। स्वास्थ्य विभाग नियमित तौर पर रोगों की रोकथाम में जुटा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 48 फीवर हेल्प डेस्क स्थापित कर दी गई है। इसके अलावा 64 रैपिड रिस्पान्स टीमों का गठन किया गया है। यह लोग स्कूल और बीमारी के आशंकित क्षेत्रों में भ्रमण कर बुखार और संचारी रोगों के मरीजों के चिन्हांकन में जुटे हैं इसके साथ ही उन्हें दवाईयां भी बांट रहे हैं। ग्राम/शहरी क्षेत्रों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अलावा एएनएम के पास थर्मल स्कैनर उपलब्ध है। इनके जरिए डोर टु डोर मरीजों को ढूढा जा रहा है। कूड़ा उठवाया जा रहा है। नियमित रुप से फॉगिंग औरसैनेटाईजेशन किया जा रहा है। ब्लीचिंग पाउडर,मेलाथियान डस्ट चूना का नियमित रुप से छिड़काव कराया जा रहा है।
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डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि जिले में डेंगू और मलेरिया का रोगी नही हैं। स्वास्थ्य विभाग नियमित तौर पर रोगों की रोकथाम में जुटा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 48 फीवर हेल्प डेस्क स्थापित कर दी गई है। इसके अलावा 64 रैपिड रिस्पान्स टीमों का गठन किया गया है। यह लोग स्कूल और बीमारी के आशंकित क्षेत्रों में भ्रमण कर बुखार और संचारी रोगों के मरीजों के चिन्हांकन में जुटे हैं इसके साथ ही उन्हें दवाईयां भी बांट रहे हैं। ग्राम/शहरी क्षेत्रों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अलावा एएनएम के पास थर्मल स्कैनर उपलब्ध है। इनके जरिए डोर टु डोर मरीजों को ढूढा जा रहा है। कूड़ा उठवाया जा रहा है। नियमित रुप से फॉगिंग औरसैनेटाईजेशन किया जा रहा है। ब्लीचिंग पाउडर,मेलाथियान डस्ट चूना का नियमित रुप से छिड़काव कराया जा रहा है।
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