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दुकानों को सील करने पहुंचे अधिकारियों से भिड़े दुकानदार, हंगामा
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बिना नक्शा पास बनाई गईं दुकानों को सील करने पहुंचे तहसील के अधिकारी कर्मचारियों से दुकानदार भीड़ गए। जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस को दुकानदारों के बीच खींचतान हुई। जूता कारोबारी ने आत्महत्या करने की धमकी दी। करीब एक घंटे तक चले बवाल के बाद टीम बैरंग वापस लौट गई। इससे पहले यहां पर 26 दुकानें सील की गई थीं
विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए घर, दुकान या अन्य कोई भवन बनाना अपराध है। नगर क्षेत्र में बिजनौर रोड स्थित मोहल्ला बटवाल घासमंडी में कुछ दिन पहले बिना नक्शे के 30 दुकानों का निर्माण कराया गया। इसके बाद उनको किराए पर उठाने और बेचने का काम शुरू कर दिया गया। खरीदने वालों ने भी मालिक से लेआउट से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मांगा। तत्कालीन एसडीएम ने संबंधितों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन किसी ने उनका जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने दुकानों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इन आदेशों को एसडीएम सदर विजय शंकर मिश्र ने अमलीजामा पहनाया।
27 अप्रैल को नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार चौरसिया के साथ एसडीएम स्वयं मौके पर पहुंच गए। पुलिस फोर्स के साथ मिलकर एक-एक दुकान पर सील लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस बीच कुछ दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। लेकिन, अफसरों ने सख्त लहजे में सबको समझा दिया। इस दौरान 26 दुकानों पर सील लगा दी गई। जबकि अधिकारियों ने चार दुकानदारों को सामान निकालने के लिए दो दिन की मोहलत दी थी। बावजूद इसके जुता, कपड़ा, मेडिकल स्टोर और टाइल्स की दुकानों के दुकानदारों ने दुकानों से समान नहीं हटाया। लिहाजा एसडीएम के आदेश पर शनिवार की दोपहर करीब बारह बजे नायाब तहसीलदार योगेश कुमार टीम के साथ मौके परन पहुंच गए। पुलिस टीम भी मौजूद थी। इस दौरान तहसील विनियमित क्षेत्र विभाग के अधिकारियों ने दुकानों की सील करने की कार्रवाई की तो दुकानदारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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दुकानदारों ने दो टूक कहा दिया मर जाएंगे, पर दुकाने सील नहीं होने देंगे। ऐसे स्थिति में पुलिस और दुकानदारों के बीच खींचतान भी हुई। जुता कारोबारी सिद्धराज यादव ने आत्महत्या करने की धमकी दी। इस दौरान करीब एक घंटे हंगामे की स्थिति बनी रही। बवाल की स्थिति देखकर अधिकारियों की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
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विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए घर, दुकान या अन्य कोई भवन बनाना अपराध है। नगर क्षेत्र में बिजनौर रोड स्थित मोहल्ला बटवाल घासमंडी में कुछ दिन पहले बिना नक्शे के 30 दुकानों का निर्माण कराया गया। इसके बाद उनको किराए पर उठाने और बेचने का काम शुरू कर दिया गया। खरीदने वालों ने भी मालिक से लेआउट से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मांगा। तत्कालीन एसडीएम ने संबंधितों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन किसी ने उनका जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने दुकानों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इन आदेशों को एसडीएम सदर विजय शंकर मिश्र ने अमलीजामा पहनाया।
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27 अप्रैल को नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार चौरसिया के साथ एसडीएम स्वयं मौके पर पहुंच गए। पुलिस फोर्स के साथ मिलकर एक-एक दुकान पर सील लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस बीच कुछ दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। लेकिन, अफसरों ने सख्त लहजे में सबको समझा दिया। इस दौरान 26 दुकानों पर सील लगा दी गई। जबकि अधिकारियों ने चार दुकानदारों को सामान निकालने के लिए दो दिन की मोहलत दी थी। बावजूद इसके जुता, कपड़ा, मेडिकल स्टोर और टाइल्स की दुकानों के दुकानदारों ने दुकानों से समान नहीं हटाया। लिहाजा एसडीएम के आदेश पर शनिवार की दोपहर करीब बारह बजे नायाब तहसीलदार योगेश कुमार टीम के साथ मौके परन पहुंच गए। पुलिस टीम भी मौजूद थी। इस दौरान तहसील विनियमित क्षेत्र विभाग के अधिकारियों ने दुकानों की सील करने की कार्रवाई की तो दुकानदारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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दुकानदारों ने दो टूक कहा दिया मर जाएंगे, पर दुकाने सील नहीं होने देंगे। ऐसे स्थिति में पुलिस और दुकानदारों के बीच खींचतान भी हुई। जुता कारोबारी सिद्धराज यादव ने आत्महत्या करने की धमकी दी। इस दौरान करीब एक घंटे हंगामे की स्थिति बनी रही। बवाल की स्थिति देखकर अधिकारियों की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।