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नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म में दोषी को सात साल कैद
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अमरोहा। घर में घुस कर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी जमानत पर बाहर था, उसके कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।
यह घटना मंडी धनौरा कस्बा के एक मोहल्ले का है। यहां रहने वाला व्यक्ति गजरौला में नौकरी करता है। छह अगस्त 2018 की रात को वह ड्यूटी पर थे। जबकि उसकी पत्नी और बच्चे घर पर थे। इसी रात को एक युवक उनके घर पहुंच गया और दरवाजा खटखटाया। तभी नीचे कमरे में पढ़ रही किशोरी ने पिता के घर आना समझ कर दरवाजा खोल दिया था। तभी युवक ने किशोरी को तमंचे के बल पर बंधक लिया और कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। शोर सुनकर दूसरी मंजिल पर सो रही मां और अन्य जाग गए। तभी आरोपी उन्हें धक्का देकर भाग निकला। अगले दिन पीड़िता के पिता ने देवराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर देवराज को दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने दोषी को सख्त सजा देने की मांग की। लिहाजा न्यायालय ने देवराज को सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह घटना मंडी धनौरा कस्बा के एक मोहल्ले का है। यहां रहने वाला व्यक्ति गजरौला में नौकरी करता है। छह अगस्त 2018 की रात को वह ड्यूटी पर थे। जबकि उसकी पत्नी और बच्चे घर पर थे। इसी रात को एक युवक उनके घर पहुंच गया और दरवाजा खटखटाया। तभी नीचे कमरे में पढ़ रही किशोरी ने पिता के घर आना समझ कर दरवाजा खोल दिया था। तभी युवक ने किशोरी को तमंचे के बल पर बंधक लिया और कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। शोर सुनकर दूसरी मंजिल पर सो रही मां और अन्य जाग गए। तभी आरोपी उन्हें धक्का देकर भाग निकला। अगले दिन पीड़िता के पिता ने देवराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने उसके गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर देवराज को दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने दोषी को सख्त सजा देने की मांग की। लिहाजा न्यायालय ने देवराज को सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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