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नियम विरुद्ध चल रहा सहारा अस्पताल सील
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नोडल अधिकारी ने अस्पतालों, नर्सिंग होम में चेकिंग की। इस दौरान सहारा अस्पताल की ओटी एक कमरे में चलती पाई। महिला मरीज भी मिली लेकिन कोई डॉक्टर नहीं था। इस कारण ओटी को सील कर दिया गया। तीन अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किया गया।
नोडल अधिकारी डॉ.विशाल त्रिवेदी ने बताया उन्होंने सहायक पंकज भटनागर, कमाल मुस्तफा को साथ लेकर पक्का पुल पर सहारा अस्पताल में चेकिंग की। इस दौरान दो महिला स्टाफ को छोड़ और कोई नहीं मिला। अस्पताल के एक कमरे में ऑपरेशन थियेटर चल रहा था। जिसमें एक महिला का ऑपरेशन हुआ था। वह महिला अस्पताल में ही मौजूद थी लेकिन कोई डॉक्टर नहीं था। डॉक्टर नहीं मिलने और छोटे से कमरे में ओटी चलती पाई जाने के कारण ओटी को सील कर दिया गया। जय शिव अस्पताल को चेक किया। उसका पंजीकरण आदि पाया गया। इसके बाद संजीवनी अस्पताल में पहुंचे। यहां पर प्रसव के तीन मरीज पाए गए लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर चेक किया। डॉक्टर नहीं मिलने के कारण नोटिस जारी किया गया। तीन दिन में अपना रजिस्ट्रेशन दिखाने और कौन-कौन डॉक्टर यहां पर तैनात हैं, ये उपलब्ध कराने को कहा है।
विजय नगर के सुमन अस्पताल में चेकिंग की। अस्पताल का पंजीकरण तो पाया गया, लेकिन मरीजों के उपचार का रिकार्ड नहीं दिखा सके। रिकार्ड दुरुस्त करने के लिए नोटिस दिया गया। विजय नगर के ही शारदा अस्पताल में चेकिंग गई। पंजीकरण दिखाने को कहा। अस्पताल संचालक ने बताया कि उन्होंने फिलहाल में ही इसे किसी और से खरीदा है। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि पंजीकरण होने तक कोई चिकित्सकीय कार्य न करें। नारायण अस्पताल की आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। इस कारण चेकिंग की गई। उधर यशलोक के संचालक को चिट्ठी भेज कर यह मुहैया कराने को कहा है कि जिस महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हुई, उसका ऑपरेशन किसने किया था। नोडल अधिकारी की चेकिंग से झोलाछाप व अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा है।
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नोडल अधिकारी डॉ.विशाल त्रिवेदी ने बताया उन्होंने सहायक पंकज भटनागर, कमाल मुस्तफा को साथ लेकर पक्का पुल पर सहारा अस्पताल में चेकिंग की। इस दौरान दो महिला स्टाफ को छोड़ और कोई नहीं मिला। अस्पताल के एक कमरे में ऑपरेशन थियेटर चल रहा था। जिसमें एक महिला का ऑपरेशन हुआ था। वह महिला अस्पताल में ही मौजूद थी लेकिन कोई डॉक्टर नहीं था। डॉक्टर नहीं मिलने और छोटे से कमरे में ओटी चलती पाई जाने के कारण ओटी को सील कर दिया गया। जय शिव अस्पताल को चेक किया। उसका पंजीकरण आदि पाया गया। इसके बाद संजीवनी अस्पताल में पहुंचे। यहां पर प्रसव के तीन मरीज पाए गए लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर चेक किया। डॉक्टर नहीं मिलने के कारण नोटिस जारी किया गया। तीन दिन में अपना रजिस्ट्रेशन दिखाने और कौन-कौन डॉक्टर यहां पर तैनात हैं, ये उपलब्ध कराने को कहा है।
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विजय नगर के सुमन अस्पताल में चेकिंग की। अस्पताल का पंजीकरण तो पाया गया, लेकिन मरीजों के उपचार का रिकार्ड नहीं दिखा सके। रिकार्ड दुरुस्त करने के लिए नोटिस दिया गया। विजय नगर के ही शारदा अस्पताल में चेकिंग गई। पंजीकरण दिखाने को कहा। अस्पताल संचालक ने बताया कि उन्होंने फिलहाल में ही इसे किसी और से खरीदा है। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि पंजीकरण होने तक कोई चिकित्सकीय कार्य न करें। नारायण अस्पताल की आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। इस कारण चेकिंग की गई। उधर यशलोक के संचालक को चिट्ठी भेज कर यह मुहैया कराने को कहा है कि जिस महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हुई, उसका ऑपरेशन किसने किया था। नोडल अधिकारी की चेकिंग से झोलाछाप व अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा है।
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