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खाते में पड़े लाखों, शौचालय का नहीं कराया निर्माण
ब्यूरो अमर उजाला/ अमरोहा।
Updated Tue, 21 Nov 2017 01:22 AM IST
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शौचालय
- फोटो : Amar Ujala
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गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांसका कलां में शौचालय निर्माण को आई लाखों की धनराशि खर्च नहीं करने के मामले में प्रधान फंस गई है। डीएम ने मामले को घोर उदासीनता मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही 15 दिन के अंदर जवाब नहीं देने पर अगली कार्रवाई को चेताया है। यह धनराशि दिसंबर 2016 से खाते में पड़ी थी, लेकिन प्रधान ने कोई उपयोग नहीं किया।
गत 25 सितंबर 2017 को गांव के लोगों ने शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत में शौचालय की धनराशि प्राप्त होने के बाद भी प्रधान द्वारा शौचालयों निर्माण की राशि लाभार्थियों को नहीं दी गई है। इसलिए शौचालय नहीं बने हैं। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन के बैंक खाते (ग्राम निधि-6) के बैंक स्टेटमेंट की जांच की। इसके तहत ग्राम पंचायत को दिसंबर 2016 से मार्च 2017 तक 15 लाख की धनराशि 125 शौचालयों के निर्माण के लिए प्राप्त कराई गई। 25 सितंबर तक अप्रयुक्त पड़ी हुई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने मसले को शासन की प्राथमिकता के कार्यक्रम के क्रियान्वयन में घोर उदासीनता माना है। उन्होंने ग्राम प्रधान रिहाना को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही कहा है कि इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण 15 दिन के अंदर प्रस्तुत करें। क्यों न आपको प्रधान पद से पदच्युत किए जाने की कार्रवाई की जाए। डीएम ने जवाब आने के बाद ही अगला कदम उठाने की बात कही है।
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गत 25 सितंबर 2017 को गांव के लोगों ने शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत में शौचालय की धनराशि प्राप्त होने के बाद भी प्रधान द्वारा शौचालयों निर्माण की राशि लाभार्थियों को नहीं दी गई है। इसलिए शौचालय नहीं बने हैं। डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन के बैंक खाते (ग्राम निधि-6) के बैंक स्टेटमेंट की जांच की। इसके तहत ग्राम पंचायत को दिसंबर 2016 से मार्च 2017 तक 15 लाख की धनराशि 125 शौचालयों के निर्माण के लिए प्राप्त कराई गई। 25 सितंबर तक अप्रयुक्त पड़ी हुई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने मसले को शासन की प्राथमिकता के कार्यक्रम के क्रियान्वयन में घोर उदासीनता माना है। उन्होंने ग्राम प्रधान रिहाना को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही कहा है कि इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण 15 दिन के अंदर प्रस्तुत करें। क्यों न आपको प्रधान पद से पदच्युत किए जाने की कार्रवाई की जाए। डीएम ने जवाब आने के बाद ही अगला कदम उठाने की बात कही है।
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