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रोडवेज बसों को नहीं मिल रही सवारियां, रास्ते से वापस लौटीं अमरोहा
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अमरोहा। अनलॉक के तीसरे दिन परिवहन निगम को झटका लगा है। बुधवार को अमरेेहा डिपो से 26 बसें निकली। लेकिन स्टॉप पर यात्री नहीं मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा। आगरा को जाने वाली बस बबराला से वापस अमरोहा लौट आई। जबकि अमरोहा से नूरपुर-कौशांबी के लिए निकली बस को मात्र एक सवारी मिली। जिसे गजरौला में छोड़कर बस लौटा ली गई। बसों में बैठने के लिए यात्रियों का नहीं मिलना लोगों में कोरोना का खौफ होने का संदेश दे रहा है।
एक जून से रोडवेज बसों के पहिए के लॉक खुल गए। अनलॉक के तीसरे दिन डिपो से करीब 26 बसों को अलग-अलग रूटों पर भेजा गया है। इनमें लगभग दस बसें ऐसी रही हैं, जो लंबे रूट पर गई थी। लेकिन छह बस तो रोडवेज से बाहर तक नहीं निकल सकी। लिहाजा देर शाम उन्हें डिपों के अंदर ले लिया गया। इसके अलावा अमरोहा-मेरठ डिपो विभिन्न स्टॉप से करीब दस सवारी लेकर मेरठ पहुंची। लेकिन लौटते समय एक सवारी नहीं मिली। ऐसे में बिना सवारी के बस को वापस लाना पड़ा। एक रोडवेज अमरोहा से नूरपुर पहुंची। लेकिन यहां से दिल्ली कोशांवी के लिए कोई सवारी नहीं मिली। एक यात्री को बैठाकर बस गजरौला पहुंची। लेकिन यहां भी काफी देर तक खड़े रहने के बाद भी यात्री नहीं मिले। लिहाजा चालक और परिचालक यात्री को गजरौला हाईवे पर छोड़कर बस वापस ले आए। आगरा जाने वाली बस मुरादाबाद और बबराला तक पहुंची। लेकिन यात्रियों के अभाव में वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा अलीगढ़ समेत कई जिलों के यात्रियों को एक-दूसरे वाहन में लिफ्ट देकर छुड़वाया गया है। रोडवेज बस स्टेशन इंचार्ज भारत सिंह ने बताया कि बुधवार को 26 बस डिपों से निकाली गई थी। विभिन्न बसों में करीब 200 यात्रियों को भेजा गया। लेकिन अगले स्टॉपेज पर यात्री नहीं मिलने के कारण बसों को वापस लौटाना पड़ा है। बसों का संचालन होने के बाद भी कोई खास कमाई नहीं रही है। यात्रियों का नहीं मिलना उनके अंदर कोरोना की दहशत को दर्शाता है।
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एक जून से रोडवेज बसों के पहिए के लॉक खुल गए। अनलॉक के तीसरे दिन डिपो से करीब 26 बसों को अलग-अलग रूटों पर भेजा गया है। इनमें लगभग दस बसें ऐसी रही हैं, जो लंबे रूट पर गई थी। लेकिन छह बस तो रोडवेज से बाहर तक नहीं निकल सकी। लिहाजा देर शाम उन्हें डिपों के अंदर ले लिया गया। इसके अलावा अमरोहा-मेरठ डिपो विभिन्न स्टॉप से करीब दस सवारी लेकर मेरठ पहुंची। लेकिन लौटते समय एक सवारी नहीं मिली। ऐसे में बिना सवारी के बस को वापस लाना पड़ा। एक रोडवेज अमरोहा से नूरपुर पहुंची। लेकिन यहां से दिल्ली कोशांवी के लिए कोई सवारी नहीं मिली। एक यात्री को बैठाकर बस गजरौला पहुंची। लेकिन यहां भी काफी देर तक खड़े रहने के बाद भी यात्री नहीं मिले। लिहाजा चालक और परिचालक यात्री को गजरौला हाईवे पर छोड़कर बस वापस ले आए। आगरा जाने वाली बस मुरादाबाद और बबराला तक पहुंची। लेकिन यात्रियों के अभाव में वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा अलीगढ़ समेत कई जिलों के यात्रियों को एक-दूसरे वाहन में लिफ्ट देकर छुड़वाया गया है। रोडवेज बस स्टेशन इंचार्ज भारत सिंह ने बताया कि बुधवार को 26 बस डिपों से निकाली गई थी। विभिन्न बसों में करीब 200 यात्रियों को भेजा गया। लेकिन अगले स्टॉपेज पर यात्री नहीं मिलने के कारण बसों को वापस लौटाना पड़ा है। बसों का संचालन होने के बाद भी कोई खास कमाई नहीं रही है। यात्रियों का नहीं मिलना उनके अंदर कोरोना की दहशत को दर्शाता है।
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