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सड़क दुर्घटना में मऊ मय चक प्रधान के इकलौते बेटे की मौत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 12:39 AM IST
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road accident
सड़क दुर्घटना में मऊ मय चक प्रधान के इकलौते बेटे की मौत
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अमरोहा। मऊ मय चक की प्रधान सिमता देवी के इकलौते बेटे अंश (14) की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी वैन चालक छोड़कर भाग निकला। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
बुधवार को कैलसा बाईपास से 200 मीटर आगे रिंग रोड पर गांव मऊ मय चक में किसान राजीव चौधरी की पत्नी सिमता देवी के अलावा दो बेटी कशिश, दिव्यांशी और एक बेटा अंश है। सिमता देवी ग्राम प्रधान हैं। उनका छोटा बेटा अंश कैलसा रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ता था। बुधवार की सुबह अंश अपने चाचा नमन के साथ पेपर देने गया था। करीब 11 बजे दोनों बाइक से वापस घर जा रहे थे। कैलसा बाईपास से 200 मीटर आगे रिंग रोड पर नमन ने लघुशंका के लिए बाइक रोक ली। अंश बाइक के पास खड़ा था। तभी सामने से आई तेज रफ्तार वैन का चालक अंश को टक्कर मारकर वैन छोड़कर भाग गया। अंश बुरी तरह घायल हो गया। पीछे से आए छात्रों ने अंश को लहूलुहान हालत में देखकर उसके परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने अंश को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन बदहवास हो गए।
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थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि मृतक के पिता राजीव चौधरी की तहरीर पर वैन के अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने में मृत्यु के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
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आधे घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा अंश
अमरोहा। सड़क हादसे के बाद ग्राम प्रधान का इकलौता बेटा अंश सड़क पर घायल अवस्था में तड़पता रहा। इस दौरान उसके चाचा नमन बदहवास हो गए। राहगीरों ने भी घायल अंश को उठाकर अस्पताल में भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई। इस दौरान स्कूल के अन्य छात्रों ने जानकारी दी तो मौके पर पहुंचे परिजनों ने भी अंश को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

समय से मिल जाता इलाज तो बच सकती थी जान
अमरोहा। घायलावस्था में सड़क पर पड़ा अंश तड़पता रहा था। उसके बदहवास चाचा नमन भी कुछ नहीं कर पाए। वह तो पूरी तरह से टूट ही गए थे। पिता राजीव चौधरी के मुताबिक अगर बेटे अंश को समय से उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने बताया कि हादसा करीब 11:30 बजे हुआ था। जबकि छात्रों से मिली सूचना के बाद वह करीब 12 बजे मौके पर पहुंचे थे। ये आधा घंटा अंश की मौत का कारण बन गया।
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