{"_id":"5b7094fa42c7924c577595d4","slug":"river-on-road-one-building-felt-in-amroha-due-to-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा में बारिश से सड़कें बनीं तालाब, एक मकान ढहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरोहा में बारिश से सड़कें बनीं तालाब, एक मकान ढहा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा/गजरौला/हसनपुर।
Updated Mon, 13 Aug 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
गजरौला के पपसरा खादर में बारिश के चलते गिरा मकान।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार को हुई जमकर बारिश से सड़कों पर तालाब का सा नजारा दिखने लगा। सड़कों पर जलभराव हो गया। लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान सड़कों पर पानी ज्यादा होने से कई ऑटो और बाइक बंद हो गईं। आजाद रोड, स्टेशन रोड, कोतवाली रोड, बिजनौर रोड सहित शहर के कई मोहल्लों में लोगों को बारिश के चलते जलभराव से गुजरना पड़ा। उधर, गजरौला क्षेत्र में एक मकान पानी से ढह गया।
शहर का ड्रेनेज सिस्टम खराब है और ज्यादातर नाले बंद पड़े हैं। इस वजह से बरसात का पानी नालों के बजाय सीधा सड़कों पर जमा होने लगता है। इसी के चलते रविवार को हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। बारिश से तापमान में कमी आने से लोगों ने गर्मी में राहत तो महसूस की लेकिन इस दौरान लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। दो फिट से ज्यादा जलभराव के बीच ऑटो और बाइक सड़कों पर ही बंद हो गए। आजाद रोड पर छेवड़ा चौराहा और जेएसएच हिंदू पीजी कालेज के सामने तालाब का सा नजारा दिखायी दिया। स्टेशन रोड, बिजनौर रोड, कोतवाली रोड और कोट रोड पर भी सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बरसात के दौरान कई मोहल्लों में जलभराव होने से आवाजाही पर ब्रेक लग गया। उधर कोट रोड पर सीएचसी के अंदर तक बरसात का पानी घुस आया। इससे मरीजों के तीमारदारों सहित अस्पताल स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ी। गजरौला के गांव पपसरा खादर निवासी रईस परिवार के साथ सोया था। रविवार सुबह चार बजे छत की एक-एक कर ईंटें गिरनी शुरू हो गई। इस पर रईस को मकान गिरने का अंदेशा हो गया। रईस ने अपनी पत्नी और बच्चों को जगाया। इसके बाद परिवार के सभी लोग मकान के बाहर आंगन में आकर बैठ गए। थोड़ी देर के बाद ही मकान भरभराकर गिर गया। देखते ही देखते मकान मलबे में तब्दील हो गया। मकान गिरने से अनाज सहित तमाम घरेलू सामान मलबे में दब गया। मकान गिरते ही आस पड़ोस के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े जिन्होंने मकान स्वामी और उसके परिवार को सही सलामत देख राहत की सांस ली। रईस ने अपने पड़ोसी के घर में आसरा लिया है।
इधर, गजरौला कस्बे में रविवार की सुबह लोगों नींद से जागे तो बारिश पड़ रही थी।
दोपहर होने तक काफी तेज बारिश हुई। देर शाम तक बादलों के बरसने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर में हल्की बूंदाबंदी होती रही। दिनभर बादलों के बरसने से तर बतर करके रख दिया। ड्यूटी जाने वाले लोग बारिश के चलते थोड़ा लेट हो गए।
विज्ञापन
दोपहर में कुछ देर के लिए बारिश बंद हुई लेकिन, हल्की बूंदाबांदी फिर भी होती रही। दिनभर बारिश होने से मौसम को खुशनुमा बना दिया है। जिससे गर्मी से राहत मिल रही है। वरना चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल करके रख दिया था। गजरौला सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमकर बारिश हुई। उधर बारिश में नहाने के लिए बच्चो दौड़ पड़े। तापमान में बारिश के चलते गिरावट दर्ज की गई। फसलों के लिए बारिश बेहद मुफीद साबित हुई। खेतों में पानी भर गया। उधर बारिश से शहर के कई मोहल्लों की सड़कों पर जलभराव हो गया।
विज्ञापन
शहर का ड्रेनेज सिस्टम खराब है और ज्यादातर नाले बंद पड़े हैं। इस वजह से बरसात का पानी नालों के बजाय सीधा सड़कों पर जमा होने लगता है। इसी के चलते रविवार को हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। बारिश से तापमान में कमी आने से लोगों ने गर्मी में राहत तो महसूस की लेकिन इस दौरान लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। दो फिट से ज्यादा जलभराव के बीच ऑटो और बाइक सड़कों पर ही बंद हो गए। आजाद रोड पर छेवड़ा चौराहा और जेएसएच हिंदू पीजी कालेज के सामने तालाब का सा नजारा दिखायी दिया। स्टेशन रोड, बिजनौर रोड, कोतवाली रोड और कोट रोड पर भी सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बरसात के दौरान कई मोहल्लों में जलभराव होने से आवाजाही पर ब्रेक लग गया। उधर कोट रोड पर सीएचसी के अंदर तक बरसात का पानी घुस आया। इससे मरीजों के तीमारदारों सहित अस्पताल स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ी। गजरौला के गांव पपसरा खादर निवासी रईस परिवार के साथ सोया था। रविवार सुबह चार बजे छत की एक-एक कर ईंटें गिरनी शुरू हो गई। इस पर रईस को मकान गिरने का अंदेशा हो गया। रईस ने अपनी पत्नी और बच्चों को जगाया। इसके बाद परिवार के सभी लोग मकान के बाहर आंगन में आकर बैठ गए। थोड़ी देर के बाद ही मकान भरभराकर गिर गया। देखते ही देखते मकान मलबे में तब्दील हो गया। मकान गिरने से अनाज सहित तमाम घरेलू सामान मलबे में दब गया। मकान गिरते ही आस पड़ोस के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े जिन्होंने मकान स्वामी और उसके परिवार को सही सलामत देख राहत की सांस ली। रईस ने अपने पड़ोसी के घर में आसरा लिया है।
विज्ञापन
इधर, गजरौला कस्बे में रविवार की सुबह लोगों नींद से जागे तो बारिश पड़ रही थी।
दोपहर होने तक काफी तेज बारिश हुई। देर शाम तक बादलों के बरसने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर में हल्की बूंदाबंदी होती रही। दिनभर बादलों के बरसने से तर बतर करके रख दिया। ड्यूटी जाने वाले लोग बारिश के चलते थोड़ा लेट हो गए।
विज्ञापन
दोपहर में कुछ देर के लिए बारिश बंद हुई लेकिन, हल्की बूंदाबांदी फिर भी होती रही। दिनभर बारिश होने से मौसम को खुशनुमा बना दिया है। जिससे गर्मी से राहत मिल रही है। वरना चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को बेहाल करके रख दिया था। गजरौला सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमकर बारिश हुई। उधर बारिश में नहाने के लिए बच्चो दौड़ पड़े। तापमान में बारिश के चलते गिरावट दर्ज की गई। फसलों के लिए बारिश बेहद मुफीद साबित हुई। खेतों में पानी भर गया। उधर बारिश से शहर के कई मोहल्लों की सड़कों पर जलभराव हो गया।