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ट्रायल के दौरान ऑक्सीजन प्लांट का रिसीवर टैंक फटा, बाल-बाल बचा ऑपरेटर
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अमरोहा। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से निजात को जिला अस्पताल में लगाए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट के ट्रायल के दौरान अचानक रिसीवर टैंक फट गया। तेज धमाके के साथ ब्लास्ट होने से अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। हादसे में रिसीवर टैंक के परखच्चे उड़ गए। इससे प्लांट के चारों तरफ लगा जाल उखड़कर दूर जा गिरा। हादसे में कंपनी का ऑपरेटर बाल-बाल बच गया। कई घंटे तक वह दहशत में रहा, उसकी आंखों में दिक्कत होने पर दवा दिलाई गई है। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी। दो दिन बाद ही प्लांट का उद्घाटन होना था।
जिला अस्पताल में यह प्लांट पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर के सौजन्य से लगाया जा रहा है। प्लांट की क्षमता 666.7 लीटर प्रति मिनट की है। नोएडा की डीएलएस इन्वायरोटेक कॉरपोरेशन कंपनी इस प्लांट को तैयार कर रही है। 15 जुलाई को प्लांट का उद्घाटन होना था। इसलिए पिछले सात दिन से प्लांट पर ट्रायल चल रहा है। मंगलवार की सुबह करीब 8:45 पर उड़ीसा निवासी प्लांट ऑपरेटर प्रशांत कुमार ने ट्रायल के लिए प्लांट चालू किया था। करीब पांच मिनट बाद ही प्लांट का रिसीवर टैंक फट गया। धमाका इतनी तेज था कि रिसीवर टैंक के परखच्चे उड़ गए। इससे प्लांट के चारों तरफ लगा जाल भी उखड़ कर दूर जा गिरा। ऑपरेटर प्रशांत हादसे में बाल-बाल बच गया। तेज धमाके के साथ ब्लास्ट होने से अस्पताल स्टाफ और मरीज तीमारदारों में हड़कंप मच गया। थोड़ी सी देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सीएमएस एके गुप्ता और अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। दहशतजदा ऑपरेटर की आंखों में लाली पड़ गई है। चिकित्सकों ने उसे दवा दी है। कंपनी के अधिकारी ऑक्सीजन प्लांट में ब्लॉस्ट के बाद हुए नुकसान का आंकलन करने की बात कह रहे हैं। उद्घाटन से महज दो दिन पहले हुए हुए भयानक हादसे ने जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। वहीं प्लांट के अन्य उपकरणों में कोई फाल्ट तो नहीं हुआ कंपनी के इंजीनियर इसकी जांच में जुट गए हैं। डीएम बीके त्रिपाठी ने संबंधित कंपनी और सीएमएस से मामले की पूरी रिपोर्ट तलब की है।
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कंपनी ने ऑक्सीजन प्लांट को अभी अस्पताल के हैंडओवर नहीं किया है। कंपनी के लोग पिछले सात दिन से ट्रायल कर रहे थे। कंपनी के ऑपरेटर ने ट्रायल के लिए प्लांट को चालू किया था। तभी अचानक रिसीवर टैंक फट गया। हादसे में कोई हताहत नहीं है। प्लांट के उद्घाटन की तैयारियां चल रहीं थी।- एके गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
ट्रायल के लिए प्लांट को चालू किया गया था। तभी अचानक रिसीवर टैंक फट गया। यह टैंक करीब दस से 15 मिनट में एयर से भरता है। लेकिन प्लांट चालू करने बाद केवल पांच मिनट में टैंक कैसे फट गया, यह समझ से परे हैं।- प्रशांत कुमार, ऑपरेटर
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जिला अस्पताल में यह प्लांट पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर के सौजन्य से लगाया जा रहा है। प्लांट की क्षमता 666.7 लीटर प्रति मिनट की है। नोएडा की डीएलएस इन्वायरोटेक कॉरपोरेशन कंपनी इस प्लांट को तैयार कर रही है। 15 जुलाई को प्लांट का उद्घाटन होना था। इसलिए पिछले सात दिन से प्लांट पर ट्रायल चल रहा है। मंगलवार की सुबह करीब 8:45 पर उड़ीसा निवासी प्लांट ऑपरेटर प्रशांत कुमार ने ट्रायल के लिए प्लांट चालू किया था। करीब पांच मिनट बाद ही प्लांट का रिसीवर टैंक फट गया। धमाका इतनी तेज था कि रिसीवर टैंक के परखच्चे उड़ गए। इससे प्लांट के चारों तरफ लगा जाल भी उखड़ कर दूर जा गिरा। ऑपरेटर प्रशांत हादसे में बाल-बाल बच गया। तेज धमाके के साथ ब्लास्ट होने से अस्पताल स्टाफ और मरीज तीमारदारों में हड़कंप मच गया। थोड़ी सी देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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सीएमएस एके गुप्ता और अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। दहशतजदा ऑपरेटर की आंखों में लाली पड़ गई है। चिकित्सकों ने उसे दवा दी है। कंपनी के अधिकारी ऑक्सीजन प्लांट में ब्लॉस्ट के बाद हुए नुकसान का आंकलन करने की बात कह रहे हैं। उद्घाटन से महज दो दिन पहले हुए हुए भयानक हादसे ने जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। वहीं प्लांट के अन्य उपकरणों में कोई फाल्ट तो नहीं हुआ कंपनी के इंजीनियर इसकी जांच में जुट गए हैं। डीएम बीके त्रिपाठी ने संबंधित कंपनी और सीएमएस से मामले की पूरी रिपोर्ट तलब की है।
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कंपनी ने ऑक्सीजन प्लांट को अभी अस्पताल के हैंडओवर नहीं किया है। कंपनी के लोग पिछले सात दिन से ट्रायल कर रहे थे। कंपनी के ऑपरेटर ने ट्रायल के लिए प्लांट को चालू किया था। तभी अचानक रिसीवर टैंक फट गया। हादसे में कोई हताहत नहीं है। प्लांट के उद्घाटन की तैयारियां चल रहीं थी।- एके गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
ट्रायल के लिए प्लांट को चालू किया गया था। तभी अचानक रिसीवर टैंक फट गया। यह टैंक करीब दस से 15 मिनट में एयर से भरता है। लेकिन प्लांट चालू करने बाद केवल पांच मिनट में टैंक कैसे फट गया, यह समझ से परे हैं।- प्रशांत कुमार, ऑपरेटर