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नागरिक संशोधन बिल नहीं करेंगे स्वीकार
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हसनपुर (अमरोहा)। जमीयत उलेमा ए हिंद के आह्वान पर नगर में समर्थकों ने नागरिक संशोधन बिल 2019 का विरोध किया। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरपी शर्मा और सेक्टर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
नगर कि पत्थर वाली मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद सेक्रेटरी मौलाना हुसैन अहमद के नेतृत्व में संभ्रांत नागरिकों, जमीयत के समर्थकों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को असंवैधानिक बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति से इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने की अपील की। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मुजाहिद चौधरी ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय से संज्ञान लेने और इस विधेयक के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा यह विधेयक धार्मिक आधार पर भेदभाव पैदा करता है, इसलिए संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत है। उन्होंने इस विधेयक में बर्मा, श्रीलंका और नेपाल के पीड़ित नागरिकों को भी शामिल करने की मांग की। इस अवसर पर मौलाना हुसैन अहमद, मशकूर अहमद, परवेज खान, डॉ. कमालुद्दीन, शकील अहमद कारी शरीफ अहमद, मौलाना उस्मान अहमद, मुफ्ती मुसब्बर, एजाज खान, मोईद खां, राहत खां, शमीम राइन, जावेद अहमद, मो. यूसुफ, अकबर अली, आसिफ खां, अमीन उल हक, नूरुद्दीन लोग मौजूद रहे।
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नगर कि पत्थर वाली मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद सेक्रेटरी मौलाना हुसैन अहमद के नेतृत्व में संभ्रांत नागरिकों, जमीयत के समर्थकों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को असंवैधानिक बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति से इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने की अपील की। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मुजाहिद चौधरी ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय से संज्ञान लेने और इस विधेयक के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा यह विधेयक धार्मिक आधार पर भेदभाव पैदा करता है, इसलिए संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत है। उन्होंने इस विधेयक में बर्मा, श्रीलंका और नेपाल के पीड़ित नागरिकों को भी शामिल करने की मांग की। इस अवसर पर मौलाना हुसैन अहमद, मशकूर अहमद, परवेज खान, डॉ. कमालुद्दीन, शकील अहमद कारी शरीफ अहमद, मौलाना उस्मान अहमद, मुफ्ती मुसब्बर, एजाज खान, मोईद खां, राहत खां, शमीम राइन, जावेद अहमद, मो. यूसुफ, अकबर अली, आसिफ खां, अमीन उल हक, नूरुद्दीन लोग मौजूद रहे।
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