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ररेकवरी के आदेश के बाद कुम्हरिया में मनरेगा के कामों की होगी जांच
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अमरोहा। मनरेगा के तहत कुम्हरिया गांव में एक साल में कराए गए मनरेगा के सभी कामों की जांच होगी। कुल 23 कामों पर लगभग चार लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इससे पहले चार कामों में रकम के दुरुपयोग साबित हो चुके हैं। सीडीओ ने वित्तीय वर्ष में कराए गए कामों की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी प्रदीप यादव और आरईडी के सहायक अभियंता को नामित किया है। उनसे संयुक्त जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कुम्हरिया गांव में मनरेगा के तहत चार कामों में गड़बड़ी साबित होने के बाद कई और खुलासे हुए हैं। परियोजना अधिकारी की जांच में 58 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए है इसके साथ ही ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी किया है। शिकायतकर्ता अरुण कुमार ने दावा किया है कि भूमिहीनों को भी मेड़ बंदी के लिए भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि एक ही इस्टीमेट बना कर काम को दो जगह दर्शाया गया है । लगभग 23 कामों के लिए चार लाख रुपये का भुगतान कराया गया है। सुनियोजित साजिश के तहत रकम दुरुपयोग किया है। इसके बाद सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने ग्राम पंचायत के समस्त कामों की जांच कराने के लिए निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि जिला विकास अधिकारी और सहायक अभियंता आरईडी से जांच रिपोर्ट तलब किया है।
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कुम्हरिया गांव में मनरेगा के तहत चार कामों में गड़बड़ी साबित होने के बाद कई और खुलासे हुए हैं। परियोजना अधिकारी की जांच में 58 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए है इसके साथ ही ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी किया है। शिकायतकर्ता अरुण कुमार ने दावा किया है कि भूमिहीनों को भी मेड़ बंदी के लिए भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि एक ही इस्टीमेट बना कर काम को दो जगह दर्शाया गया है । लगभग 23 कामों के लिए चार लाख रुपये का भुगतान कराया गया है। सुनियोजित साजिश के तहत रकम दुरुपयोग किया है। इसके बाद सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने ग्राम पंचायत के समस्त कामों की जांच कराने के लिए निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि जिला विकास अधिकारी और सहायक अभियंता आरईडी से जांच रिपोर्ट तलब किया है।
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