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Amroha News: निजी अस्पतालों को देनी होगी डेंगू-मलेरिया की सही जानकारी
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अमरोहा। बारिश शुरू होने के बाद डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। एक तरफ डेंगू मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल में बेड आरक्षित किए जा रहे हैं तो वहीं, दूसरी और सेहत विभाग निजी अस्पताल संचालक और डॉक्टर को डेंगू-मलेरिया की सही जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी पैथोलॉजी लैब पर डेंगू मलेरिया की गलत रिपोर्ट देने पर कार्रवाई की नसीहत दी है। मालूम रहे कि जिले में बड़ी संख्या में झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे हैं और अवैध रूप से सैकड़ों पैथोलॉजी लैब संचालित हैं।
बारिश का मौसम चल रहा है। इसमें डेंगू लार्वा अधिक पनपने का खतरा रहता है, जिससे लोग डेंगू की चपेट में आ जाते हैं। लोगों को डेंगू से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इन दिनों विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव में घर-घर जाकर डेंगू लार्वा चेक कर रही है, साथ ही लोगों को भी डेंगू के प्रति जागरूक कर रही है। राहत की बात यह है कि अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
सीएमओ की ओर से निजी अस्पताल संचालकों और डॉक्टर को डेंगू के मामलों की सारी जानकारी विभाग को देने के निर्देश दिए हैं। अगर किसी निजी अस्पताल में डेंगू का मरीज मिलता है तो उसका पूरा ब्योरा देना होगा। इसके साथ ही डेंगू जांच के लिए एलाइजा ही मान्य है। कोई भी अस्पताल में किट से डेंगू की पुष्टि न करें।
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उधर, बीते तीन साल तक जिन गांवों में डेंगू ने कहर बरपाया था, ऐसे 74 गांवों में जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क श्रेणी में रखा है। गांवों में डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग अभियान चलाया जा रहा है। एंटी लार्वा कर स्प्रे और फॉगिंग कराने पर जोर दिया है। तालाबों में मच्छरों का लार्वा खाने वाली गंबूजिया मछली छुड़वाई जाएंगी।
अमरोहा ब्लॉक के शहरी आबादी के मोहल्ला लकड़ा, रौनक वाटिका, चौक, बेगम संराय, पनवाड़ी, नेल नई बस्ती समेत 14 मोहल्लों के अलावा आठ गांव भी संवेदनशील श्रेणी में शामिल हैं। शहरी-ग्रामीण में डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया को रोकथाम के लिए विभाग अभियान चलाने की तैयारी में हैं। इन 73 गांवों और मोहल्लों में साल 2023 में डेंगू के 757 केस सामने आए थे। इनमें 267 मरीजों की एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। मलेरिया के 52 केस भी मिले थे। जबकि 2024 में 112 डेंगू और मलेरिया के 32 मरीज मिले थे।
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अभी तक डेंगू का कोई मामला नहीं आया
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि जिले में दस्तक अभियान चल रहा है। जिसके तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जा रही है। अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। कूलर, गमले, पुराने टायर या फिर फ्रिज की ट्रे में ज्यादा दिन तक पानी को जमा न होने दें। लगातार बुखार आ रहा है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाएं।
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बारिश का मौसम चल रहा है। इसमें डेंगू लार्वा अधिक पनपने का खतरा रहता है, जिससे लोग डेंगू की चपेट में आ जाते हैं। लोगों को डेंगू से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इन दिनों विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव में घर-घर जाकर डेंगू लार्वा चेक कर रही है, साथ ही लोगों को भी डेंगू के प्रति जागरूक कर रही है। राहत की बात यह है कि अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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सीएमओ की ओर से निजी अस्पताल संचालकों और डॉक्टर को डेंगू के मामलों की सारी जानकारी विभाग को देने के निर्देश दिए हैं। अगर किसी निजी अस्पताल में डेंगू का मरीज मिलता है तो उसका पूरा ब्योरा देना होगा। इसके साथ ही डेंगू जांच के लिए एलाइजा ही मान्य है। कोई भी अस्पताल में किट से डेंगू की पुष्टि न करें।
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उधर, बीते तीन साल तक जिन गांवों में डेंगू ने कहर बरपाया था, ऐसे 74 गांवों में जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क श्रेणी में रखा है। गांवों में डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग अभियान चलाया जा रहा है। एंटी लार्वा कर स्प्रे और फॉगिंग कराने पर जोर दिया है। तालाबों में मच्छरों का लार्वा खाने वाली गंबूजिया मछली छुड़वाई जाएंगी।
अमरोहा ब्लॉक के शहरी आबादी के मोहल्ला लकड़ा, रौनक वाटिका, चौक, बेगम संराय, पनवाड़ी, नेल नई बस्ती समेत 14 मोहल्लों के अलावा आठ गांव भी संवेदनशील श्रेणी में शामिल हैं। शहरी-ग्रामीण में डेंगू मलेरिया, चिकनगुनिया को रोकथाम के लिए विभाग अभियान चलाने की तैयारी में हैं। इन 73 गांवों और मोहल्लों में साल 2023 में डेंगू के 757 केस सामने आए थे। इनमें 267 मरीजों की एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। मलेरिया के 52 केस भी मिले थे। जबकि 2024 में 112 डेंगू और मलेरिया के 32 मरीज मिले थे।
अभी तक डेंगू का कोई मामला नहीं आया
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि जिले में दस्तक अभियान चल रहा है। जिसके तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जा रही है। अभी तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। कूलर, गमले, पुराने टायर या फिर फ्रिज की ट्रे में ज्यादा दिन तक पानी को जमा न होने दें। लगातार बुखार आ रहा है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाएं।