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ललिता देवी मंदिर पर उमड़े श्रद्घालुओं के सैलाब ने मांगी मनौतियां
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गजरौला (अमरोहा)। दो साल बाद चैत्र माह के प्रथम मंगलवार को ललिता देवी मंदिर पर हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने देवी माता की पूजा अर्चना कर शक्ति पीठ पर प्रसाद और नारियल चढ़ाया। साथ ही घर में सुख समृद्धि की कामना की। इसके अलावा कई श्रद्धालु पीठ पर पहुंचकर अपने बच्चों का मुंडन कराया। इस दौरान बच्चों और महिलाओं ने मेले में जमकर खरीदारी की।
नगर में स्थित शक्तिपीठ ललिता देवी का मंदिर का इतिहास 185 वर्ष पुराना है। प्राचीन मान्यता के अनुसार मंदिर में श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती है। यहां पर की गई मनौती के बाद यदि किसी परिवार में बच्चे का जन्म होता है, तो उसका मुंडन संस्कार मंदिर पर कराना होता है। चैत्र माह के प्रत्येक मंगलवार को मंदिर पर आस्था का सैलाब उमड़ता है। हालांकि बीते दो वर्षों से कोरोना संक्रमण होने के कारण मंदिर पर धार्मिक अनुष्ठान नहीं हो रहे थे। इस बार हालात सामान्य होने पर चैत्र माह के पहले मंगलवार को मंदिर पर आस्था देखने को मिली। यहां आसपास के साथ दूरदराज से बड़ी संख्या में आए भक्तों ने माता की पूजा अर्चना की। इसके अलावा भीड़ में वो लोग भी शामिल थे, जिनकी मनोकामना पूर्ण हुई थी। पूजा, अर्चना के साथ ही बच्चों का मुंडन कराया। नारियल का प्रसाद चढ़ाया।
इस दौरान मुंडन कराने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कुछ महिलाओं ने विरोध भी किया। महिलाओं ने मुंडन के नाम पर पहले से ही एक सौ रुपये लेने और मुंडन कराने के बाद भी वसूली का आरोप लगाया। महिलाओं को किसी तरह समझाबुझाकर कर शांत किया।
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नगर में स्थित शक्तिपीठ ललिता देवी का मंदिर का इतिहास 185 वर्ष पुराना है। प्राचीन मान्यता के अनुसार मंदिर में श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती है। यहां पर की गई मनौती के बाद यदि किसी परिवार में बच्चे का जन्म होता है, तो उसका मुंडन संस्कार मंदिर पर कराना होता है। चैत्र माह के प्रत्येक मंगलवार को मंदिर पर आस्था का सैलाब उमड़ता है। हालांकि बीते दो वर्षों से कोरोना संक्रमण होने के कारण मंदिर पर धार्मिक अनुष्ठान नहीं हो रहे थे। इस बार हालात सामान्य होने पर चैत्र माह के पहले मंगलवार को मंदिर पर आस्था देखने को मिली। यहां आसपास के साथ दूरदराज से बड़ी संख्या में आए भक्तों ने माता की पूजा अर्चना की। इसके अलावा भीड़ में वो लोग भी शामिल थे, जिनकी मनोकामना पूर्ण हुई थी। पूजा, अर्चना के साथ ही बच्चों का मुंडन कराया। नारियल का प्रसाद चढ़ाया।
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इस दौरान मुंडन कराने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कुछ महिलाओं ने विरोध भी किया। महिलाओं ने मुंडन के नाम पर पहले से ही एक सौ रुपये लेने और मुंडन कराने के बाद भी वसूली का आरोप लगाया। महिलाओं को किसी तरह समझाबुझाकर कर शांत किया।
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