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गंगा दशहरा पर उमड़ने लगा श्रद्धालुओं का सैलाब
ब्यूरो अमर उजाला /गजरौला।
Updated Thu, 24 May 2018 01:42 AM IST
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गंगा दहशरा पर गुरुवार की तड़के से ही ब्रजघाट और तिगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा। हजारों श्रद्धालुओं मां गंगा में स्नान कर धर्मलाभ की इच्छा लेकर पहुंचे। दशहरा मेले में लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी की है।
ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दहशरा मनाया जाता है। इस दिन गंगा में स्नान करने से पुण्य मिलता है। पुण्य कमाने के लिए लाखों लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं। दशहरा के चलते ब्रजघाट और तिगरी में स्नान करने के लिए बुधवार की देर शाम से ही श्रद्धालु जाने लगे थे। घर से शाम को निकलने वाले श्रद्धालु रात बारह बजे ही गंगा स्नान कर लौट आएंगे। स्नान का सिलसिला गुरुवार की दोपहर बाद तक चलेगा। ब्रजघाट और तिगरी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आज ही के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। भगवान शिव की जटाओं से होते हुए मां गंगा शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को ही धरती पर आई थी। माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से पाप नष्ट हो जाते हैं और काया निरोगी होती है। वहीं दान करने का भी काफी फल मिलता है।
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ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दहशरा मनाया जाता है। इस दिन गंगा में स्नान करने से पुण्य मिलता है। पुण्य कमाने के लिए लाखों लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं। दशहरा के चलते ब्रजघाट और तिगरी में स्नान करने के लिए बुधवार की देर शाम से ही श्रद्धालु जाने लगे थे। घर से शाम को निकलने वाले श्रद्धालु रात बारह बजे ही गंगा स्नान कर लौट आएंगे। स्नान का सिलसिला गुरुवार की दोपहर बाद तक चलेगा। ब्रजघाट और तिगरी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आज ही के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। भगवान शिव की जटाओं से होते हुए मां गंगा शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को ही धरती पर आई थी। माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से पाप नष्ट हो जाते हैं और काया निरोगी होती है। वहीं दान करने का भी काफी फल मिलता है।
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