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Amroha News: मरीजों काे दर्द अभी...अल्ट्रासाउंड होगा 37 दिन बाद
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अमरोहा। दुआ करिए कि आपको ऐसी कोई बीमारी न हो, जिसमें अल्ट्रासाउंड जांच की जरूरत पड़े। जिले में सिर्फ जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा है, लेकिन, यहां भीड़ के कारण नंबर लगाने के बाद तारीख पर तारीख मिल रही हैं। मरीजों को पंद्रह से 37 दिन तक बाद की तारीख दी जा रही है। तय तिथि पर पहुंचने के बाद भी डॉक्टर के मिलने का कोई भरोसा नहीं। जेब में पैसे हैं तो निजी केंद्र के विकल्प हैं, लेकिन अधिकांश मरीजों के सामने सिवाय इंतजार या रेफर होने का कोई रास्ता नहीं।
जिला अस्पताल में मरीजों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड- एक्सरे की सुविधा उपलब्ध हैं। एक अल्ट्रासाउंड मशीन महिला विंग में लगी है। जबकि, दूसरी जिला अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में। तमाम बीमारियों और गर्भवती महिलाओं के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के लिए लिखते हैं। बिना अल्ट्रासाउंड कराए दवा नहीं देते। ऐसे में जिलेभर के सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन, जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें पर दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। बावजूद इसके मरीजों के अल्ट्रासाउंड ही नहीं हो पाते। इतना ही नहीं सैकड़ों मरीज परेशान है। कई बार डॉक्टर कुर्सी से उठकर चले जाएं जो घंटों तक वापस नहीं लौटते। ऐसी स्थिति में मरीज चक्कर लगाते रहते हैं।
जबकि, बड़ी संख्या में पहुंचने वाले मरीजों को तारीख पे तारीख दी जा रही है। मरीजों की मानें तो 15 से 37 दिन बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए समय दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल में यही स्थिति रही। बड़ी संख्या में पहुंचे मरीजों को डॉक्टर और स्टाफ कर तरफ से तारीख ही दी गई। पतेई खालसा की रहने वाली मानवती देवी अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची थीं, लेकिन उन्हें 37 दिन बाद की तारीख दी गई है। जबकि, ढकिया चमन की रहने वाली शबाना को 18 दिन बाद अल्ट्रासाउंड करने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं बुढ़नपुर की रहने वाली नाजरीन को 16 दिन बाद का समय दिया गया है। जबकि, आलेदादपुर की रहने वाली चंचला देवी को 28 दिन बाद की तारीख दी गई है। अल्ट्रासाउंड नहीं होने की स्थिति में मरीजों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि, जिम्मेदारों ने बृहस्पतिवार को 75 मरीजाें के अल्ट्रासाउंड करने का दावा किया है।
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बाहर अल्ट्रासाउंड कराने में होता है ज्यादा खर्चा
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाता है, लेकिन जब कोई मरीज बाहर अल्ट्रासाउंड कराता है तो उसकी जेब पर 500 से 800 रुपये तक का भार पड़ता है। जिला अस्पताल में लंबी तारीख मिलने की वजह से ज्यादा जरूरत पड़ने पर मरीजों को बाहर भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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ये है अस्पताल में डॉक्टरों की स्थिति
संयुक्त जिला चिकित्सालय में शासन से डॉक्टरों के 52 पद स्वीकृत हैं, लेकिन महज 20 चिकित्सकों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं जैसे-तैसे रेंग रही है। जिसमे फिजीशियन के 2 पद हैं, जबकि एक डॉक्टर तैनात है। चेस्ट फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के एक-एक पदों पर आज तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी। बाल रोग विशेषज्ञ दोनों पद भरे हैं। जनरल सर्जन के 2 पद में से एक डॉक्टर की तैनाती है। ऑर्थोपेडिक सर्जन के दोनों पद भरे हुए हैं। जबकि ईएनटी सर्जन के एक पद पर डॉक्टर तैनात हैं। रेडियोलॉजिस्ट के 2 पदों में पर डॉक्टर हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ में स्वीकृत एक पद पर डॉक्टर तैनात हैं। ईएमओ के तीनों पर भरे हुए हैं।
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इन दोनों मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना 50-60 अल्ट्रासाउंड करने के बाद भी मरीजों की भीड़ कम नहीं हो रही है। अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर लंबा समय दिया जा रहा है, ऐसी शिकायत मिली है। संबंधित डॉक्टर को निर्देशित किया गया है कि मरीजों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
-एसपी सिंह, सीएमओ, अमरोहा
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जिला अस्पताल में मरीजों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड- एक्सरे की सुविधा उपलब्ध हैं। एक अल्ट्रासाउंड मशीन महिला विंग में लगी है। जबकि, दूसरी जिला अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में। तमाम बीमारियों और गर्भवती महिलाओं के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के लिए लिखते हैं। बिना अल्ट्रासाउंड कराए दवा नहीं देते। ऐसे में जिलेभर के सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन, जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें पर दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। बावजूद इसके मरीजों के अल्ट्रासाउंड ही नहीं हो पाते। इतना ही नहीं सैकड़ों मरीज परेशान है। कई बार डॉक्टर कुर्सी से उठकर चले जाएं जो घंटों तक वापस नहीं लौटते। ऐसी स्थिति में मरीज चक्कर लगाते रहते हैं।
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जबकि, बड़ी संख्या में पहुंचने वाले मरीजों को तारीख पे तारीख दी जा रही है। मरीजों की मानें तो 15 से 37 दिन बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए समय दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल में यही स्थिति रही। बड़ी संख्या में पहुंचे मरीजों को डॉक्टर और स्टाफ कर तरफ से तारीख ही दी गई। पतेई खालसा की रहने वाली मानवती देवी अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची थीं, लेकिन उन्हें 37 दिन बाद की तारीख दी गई है। जबकि, ढकिया चमन की रहने वाली शबाना को 18 दिन बाद अल्ट्रासाउंड करने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं बुढ़नपुर की रहने वाली नाजरीन को 16 दिन बाद का समय दिया गया है। जबकि, आलेदादपुर की रहने वाली चंचला देवी को 28 दिन बाद की तारीख दी गई है। अल्ट्रासाउंड नहीं होने की स्थिति में मरीजों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि, जिम्मेदारों ने बृहस्पतिवार को 75 मरीजाें के अल्ट्रासाउंड करने का दावा किया है।
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बाहर अल्ट्रासाउंड कराने में होता है ज्यादा खर्चा
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाता है, लेकिन जब कोई मरीज बाहर अल्ट्रासाउंड कराता है तो उसकी जेब पर 500 से 800 रुपये तक का भार पड़ता है। जिला अस्पताल में लंबी तारीख मिलने की वजह से ज्यादा जरूरत पड़ने पर मरीजों को बाहर भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ये है अस्पताल में डॉक्टरों की स्थिति
संयुक्त जिला चिकित्सालय में शासन से डॉक्टरों के 52 पद स्वीकृत हैं, लेकिन महज 20 चिकित्सकों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं जैसे-तैसे रेंग रही है। जिसमे फिजीशियन के 2 पद हैं, जबकि एक डॉक्टर तैनात है। चेस्ट फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के एक-एक पदों पर आज तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी। बाल रोग विशेषज्ञ दोनों पद भरे हैं। जनरल सर्जन के 2 पद में से एक डॉक्टर की तैनाती है। ऑर्थोपेडिक सर्जन के दोनों पद भरे हुए हैं। जबकि ईएनटी सर्जन के एक पद पर डॉक्टर तैनात हैं। रेडियोलॉजिस्ट के 2 पदों में पर डॉक्टर हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ में स्वीकृत एक पद पर डॉक्टर तैनात हैं। ईएमओ के तीनों पर भरे हुए हैं।
इन दोनों मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना 50-60 अल्ट्रासाउंड करने के बाद भी मरीजों की भीड़ कम नहीं हो रही है। अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर लंबा समय दिया जा रहा है, ऐसी शिकायत मिली है। संबंधित डॉक्टर को निर्देशित किया गया है कि मरीजों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
-एसपी सिंह, सीएमओ, अमरोहा