गजरौला। सेंटमेरीज कान्वेंट स्कूल में 11वीं में प्रवेश के दौरान तीन माह की फीस वसूले जाने का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने हंगामा किया। वहीं, सूचना मिलने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी आ पहुंचे। उन्होंने भी स्कूल प्रबंधन पर सरकार के आदेशों का पालन नहीं कर मनमानी करने का आरोप लगाया और प्रदर्शन किया। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। कहा है कि उनके पास फीस माफी के कोई आदेश नहीं हैं। यदि आएंगे तो फीस को समायोजित करा दिया जाएगा।
मंगलवार को नगर में मोहल्ला नाईपुरा स्थित सेंट मेरीज कान्वेंट स्कूल पहुंचे अभिभावकों की स्टाफ से नोकझोंक हो गई। अभिभावकों का कहना था कि वे कक्षा 11वीं में अपने बच्चों का प्रवेश कराने आए हैं और उनसे तीन माह की फीस जमा कराने को कहा जा रहा है। अभिभावकों ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि शासन ने तीन माह की फीस माफ करने के आदेश दिए हुए हैं। स्कूल में मौजूद स्टाफ इस पर राजी नहीं हुआ। इसे लेकर वहां काफी हंगामा भी हुआ। बाद में अभिभावक स्कूल के गेट पर आ गए और नारेबाजी की। इसी दौरान सूचना मिलने पर अभाविप कार्यकर्ता भी वहां आ पहुंचे। अभाविप की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील सैनी ने कहा कि सेंटमेरीज में कक्षा 11वीं में नए प्रवेश लिए जा रहे हैं लेकिन उनसे माह अप्रैल, मई और जून की फीस ली जा रही है। यह सरासर गलत है। नगर मंत्री भास्कर चौहान ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। इस मौके पर केके सिंह, सुरेश सिंह, सुशील कुमार सिंह, यश बनर्जी, एलके तिवारी, देशराज सिंह, ओमवीर सिंह, विपिन सागर, कुनाल रावत, सुमित नौटियाल, अंकुर कुमार, आशु, हर्ष चौधरी आदि रहे। वहीं प्रधानाचार्य की अनुपस्थिति में ऑफिस इंचार्ज सिस्टर रीमा ने बताया कि स्कूल में प्रवेश के लिए किसी भी अभिभावक पर दबाव नहीं बनाया जा रहा है। वैसे भी कक्षा 11 वीं का नया सत्र 11 जून से आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि फीस माफी का कोई आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। यदि आएगा तो ली गई फीस को समायोजित करा दिया जाएगा। उन्होंने कुछ लोगों पर निजी स्वार्थ के लिए स्कूल को बदनाम करने का आरोप भी लगाया।