फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Paracetamol is also in short supply at Jan Aushadhi centres, causing distress to patients.

Amroha News: जन औषधि केंद्रों पर पैरासिटामॉल का भी टोटा, मरीज हो रहे परेशान

Thu, 25 Sep 2025 05:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 25 Sep 2025 05:03 AM IST
विज्ञापन
Paracetamol is also in short supply at Jan Aushadhi centres, causing distress to patients.
अमरोहा। मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, लेकिन अमरोहा जिले में औषधि केंद्रों पर दवाओं का टोटा है। करीब पांच महीने से दवा की सप्लाई नहीं आई है। 1200 में से केवल 70-75 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं। बुखार की पैरासिटामॉल तक नहीं है। खांसी, जुकाम और पेन किलर की दवाओं का टोटा है। दवा लेने आ रहे लोग लौट रहे हैं, जिससे सस्ती दवा देने का दावा हवाई साबित हो रहा है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन शुरू कराया था। जिला अस्पताल में भी जन औषधि केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर विभिन्न बीमारियों की 1200 से अधिक जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने का दावा था, लेकिन मौजूदा समय में केवल 80 दवाएं ही उपलब्ध हैं। इनका भी स्टॉक समाप्त होने वाला है। चर्चा तो यह है कि संचालक निजी कंपनियों की दवाएं बेचने लगे हैं।
विज्ञापन

सस्ती दवाइयां मुहैया कराने के लिए साल 2018 में 26 जन औषधि केंद्र खोले गए थे। इनमें से अब तक 12 पर ताला लटक गया है। वर्तमान में 14 जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इन पर भी खांसी, बुखार, जुकाम व शुगर की दवाएं तो आसानी से मिल जाएंगी, लेकिन आंखों व दातों की दवा के अलावा हार्ट, कैंसर व गंभीर बीमारियों की दवा नहीं मिल पाती है। जबकि, जन औषधि केंद्रों पर 1200 से अधिक जेनेरिक दवाएं होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुरुआत में जन औषधि केंद्रों पर दवाइयों की भरमार थी। मरीज व तीमारदारों को भी इसका फायदा मिल रहा था, लेकिन सरकार की योजना पर दवा की कमी और सरकारी व निजी डॉक्टरों के कमीशन का खेल पलीता लगा रहा है। जन औषधि योजना के तहत इन केंद्रों का संचालन शुरू होने के बाद भी निजी व सरकारी सेवा में कार्यरत डॉक्टरों ने कमीशनखोरी के चलते जेनेरिक के बजाए ब्रांडेड दवाएं लिखना जारी रखा है। इसके चलते जन औषधि केंद्रों संचालकों का खर्चा तक नहीं निकल पा रहा, जिस पर जिले में संचालित केंद्र अब बंद होने की कगार पर पहुंचने लगे हैं। स्थिति यह है कि जिले में 12 जन औषधि केंद्र पूरी तरह बंद हो गए हैं। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अब सभी सीएचसी पर जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सकें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed