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Amroha News: बंद पड़े कूड़ा निस्तारण केंद्रों के मामले में पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब
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अमरोहा। बंद और निष्क्रिय पड़े कूड़ा निस्तारण केंद्रों से संबंधित पंचायत सचिवों का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। अमर उजाला ने 23 अगस्त के अंक में आरआरसी सेंटर बंद होने और उनके बाहर कूड़ा जमा होने का मामला ‘करोड़ों बहाने के बाद भी कूड़ा हो गए निस्तारण केंद्र’ शीर्षक के साथ उठाया था। जिसमें अधिकारियों ने संज्ञान लिया है।
स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जिले में 150 से अधिक गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्रों का निर्माण कराया गया था। एक निस्तारण केंद्र पर करीब चार से 10 लाख रुपये की लागत आई थी। निस्तारण केंद्रों का मकसद था, कि पंचायतों से उठाए जाने वाले कूड़े को निस्तारण केंद्र पर लाकर जैविक खाद के रूप में तैयार किया जाए। इसके लिए हर घर से कूड़ा कलेक्शन भी किया जाना था, लेकिन अधिकांश पंचायतों में बने यह कूड़ा निस्तारण केंद्र निष्क्रिय पड़े हैं।
अधिकांश आरआरसी सेंटरों पर ताला लटका रहता है। गांवों में कूड़ा सड़कों पर पड़ा होता है। अमर उजाला की पड़ताल में मंडी धनौरा के ढ्योटी, डिडौली के पतेई खालसा, आदमपुर, ढबारसी, अमरोहा ब्लॉक के हसनपुर कचिया में कूड़ा निस्तारण केंद्र निष्क्रिय मिले थे। अधिकांश निस्तारण केंद्राें पर या तो ताला लटका था या उनके बाहर कचरे के अंबार लगे थे। अमर उजाला ने 23 अगस्त के अंक में प्रमुखता के साथ इस खबर को प्रकाशित किया था। अब डीपीआरओ पारुल सिसोदिया ने कूड़ा निस्तारण केंद्रों की निष्क्रियता के मामले में सभी संबंधित सचिवों का स्पष्टीकरण तलब किया है।
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स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जिले में 150 से अधिक गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्रों का निर्माण कराया गया था। एक निस्तारण केंद्र पर करीब चार से 10 लाख रुपये की लागत आई थी। निस्तारण केंद्रों का मकसद था, कि पंचायतों से उठाए जाने वाले कूड़े को निस्तारण केंद्र पर लाकर जैविक खाद के रूप में तैयार किया जाए। इसके लिए हर घर से कूड़ा कलेक्शन भी किया जाना था, लेकिन अधिकांश पंचायतों में बने यह कूड़ा निस्तारण केंद्र निष्क्रिय पड़े हैं।
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अधिकांश आरआरसी सेंटरों पर ताला लटका रहता है। गांवों में कूड़ा सड़कों पर पड़ा होता है। अमर उजाला की पड़ताल में मंडी धनौरा के ढ्योटी, डिडौली के पतेई खालसा, आदमपुर, ढबारसी, अमरोहा ब्लॉक के हसनपुर कचिया में कूड़ा निस्तारण केंद्र निष्क्रिय मिले थे। अधिकांश निस्तारण केंद्राें पर या तो ताला लटका था या उनके बाहर कचरे के अंबार लगे थे। अमर उजाला ने 23 अगस्त के अंक में प्रमुखता के साथ इस खबर को प्रकाशित किया था। अब डीपीआरओ पारुल सिसोदिया ने कूड़ा निस्तारण केंद्रों की निष्क्रियता के मामले में सभी संबंधित सचिवों का स्पष्टीकरण तलब किया है।
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