{"_id":"6a46c35f0827c19ee00a088d","slug":"panchayat-secretariats-remained-locked-orders-for-the-presence-of-accountants-were-ineffective-jpnagar-news-c-284-1-jpn1023-167305-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: पंचायत सचिवालयों में लटकते रहे ताले, लेखपालों की मौजूदगी के आदेश बेअसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: पंचायत सचिवालयों में लटकते रहे ताले, लेखपालों की मौजूदगी के आदेश बेअसर
विज्ञापन
अमरोहा। ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए पंचायत सचिवालय जिले में अपनी मंशा के अनुरूप काम नहीं कर पा रहे हैं। लेखपालों को पंचायत सचिवालयों में नियमित बैठने के निर्देश जारी होने के दूसरे दिन भी अधिकांश सचिवालयों पर ताले लटके मिले, जबकि कई जगह भवन खुले होने के बावजूद कर्मचारी नदारद रहे। इससे ग्रामीणों को आय, जाति, निवास, खतौनी और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अब भी ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालयों का निर्माण ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। यहां पंचायत सहायकों की तैनाती के साथ सचिवों और अब लेखपालों को भी नियमित रूप से बैठने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। बृहस्पतिवार को विभिन्न गांवों में की गई पड़ताल में कई पंचायत सचिवालय बंद मिले और अधिकांश स्थानों पर लेखपाल व अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सचिवालयों में कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद ग्रामीणों को पेंशन, प्रमाण पत्र और योजनाओं से जुड़ी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें जनसेवा केंद्र, ब्लॉक या तहसील जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। कैलसा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिहाली नारायण में सचिवालय पर ताला लटकता मिला। डिडौली में सचिवालय में लेखपाल नहीं मिले जबकि हसनपुर कला गांव में सचिवालय बंद मिला।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
आजमपुर और मोहद्दीनपुर के सचिवालयों पर ताले
मंडी धनौरा। ग्राम स्तर पर खतौनी सहित अन्य राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायत सचिवालयों में लेखपालों की बैठने की व्यवस्था शुरू की गई है, लेकिन इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा। बृहस्पतिवार को आजमपुर और मोहद्दीनपुर ग्राम पंचायत सचिवालयों पर ताले लटके मिले। ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय सुबह से ही बंद था और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
लेखपाल और पंचायत सहायक नदारद
गजरौला के फौंदापुर और वारसाबाद ग्राम पंचायतों में दोपहर करीब 1:15 बजे पंचायत सचिवालय बंद मिले। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय अक्सर बंद रहते हैं और कर्मचारी कभी-कभार ही आते हैं, जिससे गांव में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
लेखपालों की मौजूदगी तो दूर, सचिवालयों पर लटके मिले ताले
हसनपुर/बुरावली/ढबारसी। हसनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत देहरा मिलक में ग्राम सचिवालय में दोपहर एक बजे सचिवालय पर ताला लटका मिला। गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढबारसी में स्थित ग्राम सचिवालय में दोपहर में 12 बजे ताला लटका मिला। यहां पर कोई भी कर्मचारी या लेखपाल कार्य करने नहीं पहुंचा था। गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की सांथलपुर की मंढैया में भी दोपहर 12.30 बजे ताला लटका मिला। ग्राम सचिवालय बांसका कला में 12.43 बजे ताला बंद मिला। 12.30 बजे बुरावली में ग्राम सचिवालय तो खुला मिला, लेकिन वहां लेखपाल नहीं बैठे थे।
...........
सचिवालयों पर सुविधाओं का अभाव है। पहले व्यवस्थाएं ठीक कराई जाएं। इस मामले में एडीएम न्यायिक को ज्ञापन भी दे चुके हैं। वहां बैठने की व्यवस्थाएं ठीक हो। बैठने में कोई दिक्कत नहीं है। अभी गाइडलाइन भी नहीं मिली है। शासन के आदेश का पालन किया जाएगा। सचिन यादव, जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
....
शासन के आदेशों का पालन कराया जाएगा। अगर सचिवालय नहीं खुलते हैं तो इसे चेक कराया जाएगा। डॉ. नितिन गौड़, डीएम
विज्ञापन
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालयों का निर्माण ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। यहां पंचायत सहायकों की तैनाती के साथ सचिवों और अब लेखपालों को भी नियमित रूप से बैठने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। बृहस्पतिवार को विभिन्न गांवों में की गई पड़ताल में कई पंचायत सचिवालय बंद मिले और अधिकांश स्थानों पर लेखपाल व अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सचिवालयों में कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद ग्रामीणों को पेंशन, प्रमाण पत्र और योजनाओं से जुड़ी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें जनसेवा केंद्र, ब्लॉक या तहसील जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। कैलसा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिहाली नारायण में सचिवालय पर ताला लटकता मिला। डिडौली में सचिवालय में लेखपाल नहीं मिले जबकि हसनपुर कला गांव में सचिवालय बंद मिला।
विज्ञापन
आजमपुर और मोहद्दीनपुर के सचिवालयों पर ताले
मंडी धनौरा। ग्राम स्तर पर खतौनी सहित अन्य राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायत सचिवालयों में लेखपालों की बैठने की व्यवस्था शुरू की गई है, लेकिन इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा। बृहस्पतिवार को आजमपुर और मोहद्दीनपुर ग्राम पंचायत सचिवालयों पर ताले लटके मिले। ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय सुबह से ही बंद था और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
लेखपाल और पंचायत सहायक नदारद
गजरौला के फौंदापुर और वारसाबाद ग्राम पंचायतों में दोपहर करीब 1:15 बजे पंचायत सचिवालय बंद मिले। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय अक्सर बंद रहते हैं और कर्मचारी कभी-कभार ही आते हैं, जिससे गांव में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लेखपालों की मौजूदगी तो दूर, सचिवालयों पर लटके मिले ताले
हसनपुर/बुरावली/ढबारसी। हसनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत देहरा मिलक में ग्राम सचिवालय में दोपहर एक बजे सचिवालय पर ताला लटका मिला। गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढबारसी में स्थित ग्राम सचिवालय में दोपहर में 12 बजे ताला लटका मिला। यहां पर कोई भी कर्मचारी या लेखपाल कार्य करने नहीं पहुंचा था। गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की सांथलपुर की मंढैया में भी दोपहर 12.30 बजे ताला लटका मिला। ग्राम सचिवालय बांसका कला में 12.43 बजे ताला बंद मिला। 12.30 बजे बुरावली में ग्राम सचिवालय तो खुला मिला, लेकिन वहां लेखपाल नहीं बैठे थे।
...........
सचिवालयों पर सुविधाओं का अभाव है। पहले व्यवस्थाएं ठीक कराई जाएं। इस मामले में एडीएम न्यायिक को ज्ञापन भी दे चुके हैं। वहां बैठने की व्यवस्थाएं ठीक हो। बैठने में कोई दिक्कत नहीं है। अभी गाइडलाइन भी नहीं मिली है। शासन के आदेश का पालन किया जाएगा। सचिन यादव, जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
....
शासन के आदेशों का पालन कराया जाएगा। अगर सचिवालय नहीं खुलते हैं तो इसे चेक कराया जाएगा। डॉ. नितिन गौड़, डीएम