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सरकारी राशन हड़पने के आरोप में शिक्षक दंपती पर मुकदमे के आदेश
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सरकारी राशन हड़पने के मामले में न्यायालय ने शिक्षक दंपती समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले बीएसए ने दोनों के वेतन से तेरह हजार पांच सौ रुपये की वसूली की थी। साथ ही दोनों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की थी।
अमरोहा नगर के मोहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता मनु शर्मा ने 21 अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि मोहल्ले में ही रहने वाले शिक्षक अर्पित खंडेलवाल, उनकी पत्नी वर्षा, मां गीता खंडेलवाल ने आपस में साजिश करके सरकार से अनुचित लाभ लेने के लिए राशन कार्डों में फर्जीवाड़ा करके अपने नाम शामिल करा लिया।
शिक्षक दंपती दो वर्षों तक सरकारी राशन लेते रहे, जिसकी जांच जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान से कराई थी। जिस पर डीएसओ की जांच आख्या में खुलासा हुआ था कि शिक्षक दंपती और मां ने बायोमेट्रिक मशीन में अपने अंगूठे लगाकर राशन प्राप्त किया है।
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जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सरकारी अध्यापक अपात्र की श्रेणी में आते हैं। रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने शिक्षक दंपती के अक्तूबर माह के वेतन से तेरह हजार पांच सौ रुपये की वसूली की थी। साथ ही अध्यापक आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते हुए दोनों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत किए जाने के आदेश दिए थे।
बावजूद इसके पूर्ति विभाग द्वारा इस मामले में कोई भी आपराधिक कार्रवाई शिक्षक दंपती के खिलाफ नहीं कराई गई। लिहाजा मनु शर्मा ने न्यायालय की शरण ली। बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्यानंद द्विवेदी ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अमरोहा कोतवाली पुलिस को संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि आदेश मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अमरोहा नगर के मोहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता मनु शर्मा ने 21 अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि मोहल्ले में ही रहने वाले शिक्षक अर्पित खंडेलवाल, उनकी पत्नी वर्षा, मां गीता खंडेलवाल ने आपस में साजिश करके सरकार से अनुचित लाभ लेने के लिए राशन कार्डों में फर्जीवाड़ा करके अपने नाम शामिल करा लिया।
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शिक्षक दंपती दो वर्षों तक सरकारी राशन लेते रहे, जिसकी जांच जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान से कराई थी। जिस पर डीएसओ की जांच आख्या में खुलासा हुआ था कि शिक्षक दंपती और मां ने बायोमेट्रिक मशीन में अपने अंगूठे लगाकर राशन प्राप्त किया है।
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जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सरकारी अध्यापक अपात्र की श्रेणी में आते हैं। रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने शिक्षक दंपती के अक्तूबर माह के वेतन से तेरह हजार पांच सौ रुपये की वसूली की थी। साथ ही अध्यापक आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते हुए दोनों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत किए जाने के आदेश दिए थे।
बावजूद इसके पूर्ति विभाग द्वारा इस मामले में कोई भी आपराधिक कार्रवाई शिक्षक दंपती के खिलाफ नहीं कराई गई। लिहाजा मनु शर्मा ने न्यायालय की शरण ली। बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्यानंद द्विवेदी ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अमरोहा कोतवाली पुलिस को संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि आदेश मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।