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Amroha News: वन स्टॉप सेंटर की टीम ने मनोरोगी बेटे की कैद से मुक्त कराई बुजुर्ग मां
Wed, 03 Jun 2026 01:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:52 AM IST
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हसनपुर। सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर मिली शिकायत के आधार पर एक बुजुर्ग महिला को उसके मनोरोगी बेटे की कैद से मुक्त कराया है। बताते हैं बुजुर्ग महिला का बेटा मानसिक रूप से सामान्य नहीं है। वह अपनी मां से किसी भी परिवार के सदस्य को मिलने नहीं दे रहा था। बेटी की शिकायत पर टीम घर पहुंची और बुजुर्ग महिला को बरामद कर बेटी के सुपुर्द कर दिया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर को 27 मई को एक महिला ने सूचना दी कि उसका छोटा भाई उनकी बुजुर्ग मां को पिछले सात महीने से घर में बंद करके रखे हुए है। वह घर से बाहर जाते समय दरवाजे पर ताला लगाकर जाता है। अन्य भाई-बहनों को भी मां से मिलने नहीं देता है। शिकायत मिलने के बाद वन स्टॉप केंद्र प्रबंधक ममता दुबे, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता करूणा निधि, मिशन शक्ति केंद्र हसनपुर की प्रभारी अनुराधा भारती व पुलिसकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। हसनपुर में उस मकान में पहुंचे जहां बुजुर्ग महिला रह रही थी। टीम ने जनगणना के नाम पर घर का दरवाजा खुलवाया और अंदर पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर बुजुर्ग महिला घबराई हुई दिखाई दी। महिला ने टीम को बताया कि वह लंबे समय से घर के भीतर ही रह रही थी और उसका बेटा उसके साथ मारपीट भी करता था। उसने बताया कि सात महीने तक उसने अपनी परेशानी किसी से साझा नहीं की। बुजुर्ग महिला के पति की मौत के बाद से लगातार उसका छोटा बेटा ही उसे अपने पास रखता था। जबकि महिला के दो बेटे और भी हैं। उनके घर अगल बने हुए हैं। बुजुर्ग महिला को पेंशन मिल रही थी। टीम ने बताया कि भीषण गर्मी में भी बुजुर्ग महिला का बेटा कोट पेंट पहने घर में बैठा था। बुजुर्ग महिला को टीम ने उसकी बेटी के सुपुर्द कर दिया है। वन स्टॉप केंद्र प्रबंधक ममता दुबे ने बताया कि महिला की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए उसे बेटी के साथ भेजा गया है। साथ ही परिवार को सलाह दी गई है कि बेटे की मानसिक स्थिति का विशेषज्ञों से परामर्श लेकर उपचार कराया जाए।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर को 27 मई को एक महिला ने सूचना दी कि उसका छोटा भाई उनकी बुजुर्ग मां को पिछले सात महीने से घर में बंद करके रखे हुए है। वह घर से बाहर जाते समय दरवाजे पर ताला लगाकर जाता है। अन्य भाई-बहनों को भी मां से मिलने नहीं देता है। शिकायत मिलने के बाद वन स्टॉप केंद्र प्रबंधक ममता दुबे, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता करूणा निधि, मिशन शक्ति केंद्र हसनपुर की प्रभारी अनुराधा भारती व पुलिसकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। हसनपुर में उस मकान में पहुंचे जहां बुजुर्ग महिला रह रही थी। टीम ने जनगणना के नाम पर घर का दरवाजा खुलवाया और अंदर पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर बुजुर्ग महिला घबराई हुई दिखाई दी। महिला ने टीम को बताया कि वह लंबे समय से घर के भीतर ही रह रही थी और उसका बेटा उसके साथ मारपीट भी करता था। उसने बताया कि सात महीने तक उसने अपनी परेशानी किसी से साझा नहीं की। बुजुर्ग महिला के पति की मौत के बाद से लगातार उसका छोटा बेटा ही उसे अपने पास रखता था। जबकि महिला के दो बेटे और भी हैं। उनके घर अगल बने हुए हैं। बुजुर्ग महिला को पेंशन मिल रही थी। टीम ने बताया कि भीषण गर्मी में भी बुजुर्ग महिला का बेटा कोट पेंट पहने घर में बैठा था। बुजुर्ग महिला को टीम ने उसकी बेटी के सुपुर्द कर दिया है। वन स्टॉप केंद्र प्रबंधक ममता दुबे ने बताया कि महिला की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए उसे बेटी के साथ भेजा गया है। साथ ही परिवार को सलाह दी गई है कि बेटे की मानसिक स्थिति का विशेषज्ञों से परामर्श लेकर उपचार कराया जाए।
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