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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Now the All India Head Organization has filed a petition in the High Court

अब अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 04 Oct 2022 01:54 AM IST
सार

नगर पालिका के सीमा विस्तार के विरोध में अब अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।जिनका निस्तारण कर प्रशासन ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है।ग्राम पंचायतों का नगर पंचायतों में विलय राज्यपाल के द्वारा आपत्ति प्राप्त कर उसके निस्तारण के बाद ही किया जा सकता है।

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Now the All India Head Organization has filed a petition in the High Court

विस्तार

नगर पालिका के सीमा विस्तार के विरोध में अब अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सरकार की कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें नगर पंचायतों में विलय नहीं चाहती हैं। इसलिए सीमा विस्तार नियम विरुद्ध है। उसे रद्द करने की मांग की है।
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अमरोहा नगर पालिका का सीमा विस्तार हुआ है। जिसमें 21 ग्राम पंचायतों के 45 गांवों को शामिल किया गया है। इन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और ग्रामीण इसके विरोध में हैं। सीमा विस्तार को रद्द कराने की मांग को लेकर ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने दो याचिका दायर की थीं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ग्राम प्रधानों की याचिका को खारिज कर दिया था। जबकि ग्रामीणों की तरफ से दायर की गई याचिका पर अभी तक सुनवाई नहीं हो सकी है। इस बीच सीमा विस्तार के विरोध में चौदह आपत्तियां दर्ज की गई थीं। जिनका निस्तारण कर प्रशासन ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अधर, अब अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने एक ओर याचिका दायर की है।
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ग्राम प्रधान अली मुमताज अली, संजीव सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रधान संवैधानिक रूप से पांच वर्ष के लिए निर्वाचित हुए हैं। लेकिन तानाशाह बनकर प्रदेश सरकार द्वारा उनमें से कुछ ग्राम पंचायतों का विलय नगर पंचायतों में करके वहां के निर्वाचित प्रधानों को अपदस्थ करने का कुचक्र रचा है। ग्राम पंचायतों का नगर पंचायतों में विलय राज्यपाल के द्वारा आपत्ति प्राप्त कर उसके निस्तारण के बाद ही किया जा सकता है। लेकिन मौजूदा राज्य सरकार ने बिना आपत्ति प्राप्ति व निस्तारण के ग्राम पंचायतों का विलय नगर पंचायतों में कर दिया है, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। विलय बिना आम सहमति के नहीं किया जा सकता। ग्राम पंचायतें अपना विलय नगर पंचायतों में नहीं चाहती हैं। कहा कि ग्राम पंचायतों की 90 फीदसी भूमि कृषि योग्य भूमि है। वहां की नब्बे प्रतिशत जनसंख्या व्यापार नहीं करती है। जिसके कारण नगर पंचायतों में शामिल की गईं ग्राम पंचायतों का विलय विधि विरुद्ध है।
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