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Amroha News: आईजीआरएस में रैंकिंग लुढ़कने पर 40 अधिकारियों को नोटिस
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अमरोहा।
जनशिकायत सुनवाई प्रणाली के तहत शिकायतों के निस्तारण को लेकर शासन भले ही गंभीर हो, लेकिन अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। यही वजह है कि आईजीआरएस प्रणाली के तहत शिकायतों का निस्तारण करने में जिले की रैंकिंग लुढ़क कर 66वें स्थान पर पहुंच गई है। डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जिला आबकारी अधिकारी व डीएफओ समेत 40 अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
आईजीआरएस प्रणाली के तहत शिकायतकर्ताओं को ऑनलाइन रूप शिकायत दर्ज करानी होती है। जिसको निस्तारण के बाद संबंधित अधिकारियों को उसकी आख्या ऑनलाइन ही देनी होती है। सरकार इसे लेकर गंभीर है, लेकिन जिले के अधिकारी शासन की मंशा के अनुरूप आईजीआरएस के तहत आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। इसके कारण सीएम डैशबोर्ड में जिले की रैंकिंग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
दिसंबर माह में जहां आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जिले को 30वीं रैंक मिली थी। वहीं, जनवरी में 66वीं रैंक के साथ अमरोहा सबसे निचले दस जिलों में शामिल हो गया है। समीक्षा बैठक में डीएम निधि गुप्ता वत्स ने भी इसको लेकर नाराजगी जताई। डीएम ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिला आबकारी अधिकारी, डीएफओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, तहसीलदार धनौरा, एलडीएम, सीवीओ, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, एआरटीओ प्रवर्तन, सहायक श्रमायुक्त, चकबंदी अधिकारी हसनपुर, खंड विकास अधिकारी गजरौला, धनौरा व जोया समेत 40 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। डीएम ने सुधार न होने व नोटिस का जबाव न दिए जाने पर कार्रवाई के लिए भी चेताया है।
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स्वास्थ्य विभाग की स्थिति सबसे बदतर
आईजीआरएस प्रणाली के तहत शिकायतों के निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का हाल सबसे बुरा है। विभाग से जुड़े आठ अधिकारियों को नोटिस जारी हुए हैं। जिसमें जिला अस्पताल की सीएमएस, प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी/ सीएचसी धनौरा, अमरोहा, गजरौला, जोया व हसनपुर, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी शामिल हैं।
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जनशिकायत सुनवाई प्रणाली के तहत शिकायतों के निस्तारण को लेकर शासन भले ही गंभीर हो, लेकिन अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। यही वजह है कि आईजीआरएस प्रणाली के तहत शिकायतों का निस्तारण करने में जिले की रैंकिंग लुढ़क कर 66वें स्थान पर पहुंच गई है। डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जिला आबकारी अधिकारी व डीएफओ समेत 40 अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
आईजीआरएस प्रणाली के तहत शिकायतकर्ताओं को ऑनलाइन रूप शिकायत दर्ज करानी होती है। जिसको निस्तारण के बाद संबंधित अधिकारियों को उसकी आख्या ऑनलाइन ही देनी होती है। सरकार इसे लेकर गंभीर है, लेकिन जिले के अधिकारी शासन की मंशा के अनुरूप आईजीआरएस के तहत आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। इसके कारण सीएम डैशबोर्ड में जिले की रैंकिंग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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दिसंबर माह में जहां आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जिले को 30वीं रैंक मिली थी। वहीं, जनवरी में 66वीं रैंक के साथ अमरोहा सबसे निचले दस जिलों में शामिल हो गया है। समीक्षा बैठक में डीएम निधि गुप्ता वत्स ने भी इसको लेकर नाराजगी जताई। डीएम ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिला आबकारी अधिकारी, डीएफओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, तहसीलदार धनौरा, एलडीएम, सीवीओ, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, एआरटीओ प्रवर्तन, सहायक श्रमायुक्त, चकबंदी अधिकारी हसनपुर, खंड विकास अधिकारी गजरौला, धनौरा व जोया समेत 40 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। डीएम ने सुधार न होने व नोटिस का जबाव न दिए जाने पर कार्रवाई के लिए भी चेताया है।
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स्वास्थ्य विभाग की स्थिति सबसे बदतर
आईजीआरएस प्रणाली के तहत शिकायतों के निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का हाल सबसे बुरा है। विभाग से जुड़े आठ अधिकारियों को नोटिस जारी हुए हैं। जिसमें जिला अस्पताल की सीएमएस, प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी/ सीएचसी धनौरा, अमरोहा, गजरौला, जोया व हसनपुर, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी शामिल हैं।