फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Naugaon's jacket will become the new identity of readymade garments

‘ढोलक’ के बाद रेडीमेड गारमेंट्स की नई पहचान बनेगी नौगांवा की ‘जैकेट’

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
Naugaon's jacket will become the new identity of readymade garments
नौगांवा सादात के एक कारखाने में जैकेट तैयार करते कारीगर। - फोटो : JPNAGAR
अमरोहा(अनिल चौहान)। ढोलक के बाद प्रदेश सरकार ने अमरोहा के रेडीमेड गारमेंट को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल कर लिया है। उद्योग विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब अमरोहा की ढोलक के बाद नौगांवा सादात की जैकेट रेडीमेड गारमेंट की नई पहचान बनेगी। उद्योग स्थापित करने के लिए 200 से अधिक कारोबारी और कारीगरों ने संबंधित विभाग से लोन लिया है। करीब 102 कारीगर भी उद्योग स्थापित कर मालिक बन सकेंगे। जैसे अमरोहा की ढोलक ने देश घर में अपनी पहचान छोड़ी है, अब जैकेट कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी।
विज्ञापन

अमरोहा की पहचान यहां पर बने रेडीमेड वस्त्रों से भी की जाती है। यहां रेडीमेड वस्त्रों के उत्पादन की अनेकों इकाइयां स्थापित हैं। यहां बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए रेडीमेड वस्त्र तैैयार किए जाते हैं। यहां इकाइयों के लिए दिल्ली, लुधियाना, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों से कच्चा माल मंगाया जाता है। निकटवर्ती नगरों में यहां के बने उत्पादों की बहुत मांग रहती है। यह उद्योग यहां लघु उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है। इसका सबूत नौगांवा सादात में जैकेट कारोबार है। नौगांवा में छोटे बड़े करीब तीन सौ कारखाने हैं। जहां पिछले बीस सालों से जैकेट बनती आ रही हैं। कारखाना स्वामी गर्मियों में ही सर्दियों की तैयारी शुरू कर देते हैं। पंजाब, आसाम, बिहार, दिल्ली, कोलकाता, यूपी के अधिकांश जिलों में जैकेट भेजी जाती है। इतना ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली बहुत सी प्रदर्शनियों में यहां के बने उत्पाद विपणन के लिए भेजे जाते हैं। इस कारोबार से नौगांवा कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों के से करीब एक लाख लोग विभिन्न रूपों में जुड़े हुए हैं। साथ ही 20 हजार परिवार की महिलाएं घरों में जैकेट की सिलाई कर परिवार का खर्च चलाती हैं।
विज्ञापन

कारीगर भी बन सकेंगे मालिक
अमरोहा। ओडीओपी में शामिल होने के बाद रेडिमेड गारमेंट्स से जुड़े हजारों कारीगर भी मालिक बन सकेंगे। उन्हें योजना में उद्योग विभाग की ओर से 25 फीसदी सब्सिडी पर ऋण दिया जा रहा है। उपायुक्त के मुताबिक अब तक 200 से अधिक लोगों ने ऋण लिया है। इसमें 103 लोग ऐसे हैं, जो अपना नया काम शुरू करना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

फरवरी से शुरू हो जाता है नए सीजन का काम
अमरोहा। दिसंबर में काम बंद होने के बाद कारोबारी जनवरी फरवरी में जैकेट के सैंपल तैयार कराते हैं। इन सैंपलों की मार्केटिंग के लिए कारोबारी मार्च में शहरों में निकलते हैं। सैंपल दिखाकर दुकानदारों से आर्डर लेते हैं। आर्डर के आधार पर मई जून में जैकेट तैयार होनी शुरू हो जाती हैं।
ओडीओपी में शामिल होने के बाद चार गुना बढ़ा ढोलक कारोबार
अमरोहा। लकड़ी हस्तकला एसोसिएशन के अध्यक्ष शक्ति कुमार अग्रवाल ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल होने से पहले मात्र पांच करोड़ रुपये का वार्षिक टर्न ओवर था, जो अब करीब 20 करोड़ हो गया है। ओडीओपी में शामिल होने के बाद ढोलक कारोबार को रफ्तार मिली है।

ओडीओपी की शुरुआत प्रदेश सहित जिले में 2018 में हुई थी। जिले की ढोलक एक जिला एक उत्पाद में पहले से शामिल है। जनपद में रेडीमेड गारमेंट्स का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। इसे ओडीओपी में द्वितीय उत्पाद के रूप में शामिल किया गया है। अभी तक इकाइयों लगवाने और कारोबार को बढ़ाने के लिए करीब 200 लोगों ने ऋण लिया है।
-विकास यादव, उपायुक्त उद्योग अमरोहा
500 जैकेट व अन्य अन्य रेडिमेड वस्त्र इकाइयां
1 लाख से अधिक मजदूर कारोबार से जुड़े
20 हजार परिवारों में जैकेट की सिलाई का काम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed