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Amroha News: निषाद वंश की उपजातियों को एससी सूची में शामिल करने की मांग, किया प्रदर्शन
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अमरोहा। विमुक्त जनजाति (डीएनटी) और निषाद वंश की विभिन्न उपजातियों को अनुसूचित जाति (एससी) की सूची में शामिल करने समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर निषाद पार्टी और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के पदाधिकारियों ने सोमवार को अमरोहा और मंडी धनौरा समेत सभी तहसीलों पर प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे।
पार्टी जिलाध्यक्ष रवि कुमार कश्यप ने कहा कि केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मंझवार, कश्यप, तुरैहा, माझी और रैकवार आदि जातियां निषाद वंश की पर्यायवाची जातियां हैं। उनका दावा है कि अलग-अलग राज्यों में इन जातियों को अलग-अलग श्रेणियों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में इन्हें ओबीसी वर्ग में रखा गया है। इससे समाज के साथ विसंगति उत्पन्न हो रही है। जातिगत जनगणना में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों का नाम मंझवार के कॉलम में दर्ज किया जाए और साथ में डीटी (विमुक्त जनजाति) अंकित किया जाए।
साथ ही निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को उत्तर प्रदेश में एससी सूची में शामिल करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा विमुक्त जनजातियों को शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण तथा पेंशन सुविधा देने और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के शहीदों के गांवों को आदर्श शहीद गांव घोषित करने की मांग की गई।
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इस दौरान लोकेश कुमार, देवराज सिंह, संतराम सिंह, राजीव कुमार मौजूद रहे।
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पार्टी जिलाध्यक्ष रवि कुमार कश्यप ने कहा कि केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मंझवार, कश्यप, तुरैहा, माझी और रैकवार आदि जातियां निषाद वंश की पर्यायवाची जातियां हैं। उनका दावा है कि अलग-अलग राज्यों में इन जातियों को अलग-अलग श्रेणियों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में इन्हें ओबीसी वर्ग में रखा गया है। इससे समाज के साथ विसंगति उत्पन्न हो रही है। जातिगत जनगणना में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों का नाम मंझवार के कॉलम में दर्ज किया जाए और साथ में डीटी (विमुक्त जनजाति) अंकित किया जाए।
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साथ ही निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को उत्तर प्रदेश में एससी सूची में शामिल करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा विमुक्त जनजातियों को शिक्षा, नौकरी और राजनीति में आरक्षण तथा पेंशन सुविधा देने और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के शहीदों के गांवों को आदर्श शहीद गांव घोषित करने की मांग की गई।
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इस दौरान लोकेश कुमार, देवराज सिंह, संतराम सिंह, राजीव कुमार मौजूद रहे।