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बड़ी संख्या में नशे का शिकार बन रही युवा पीढ़ी
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अमरोहा। जिला अस्पताल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस और नशा निरोधक दिवस पर शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। कहा कि आज युवा पीढ़ी बड़ी संख्या में नशे का शिकार हो रही है।
शनिवार को एडी हेल्थ डॉ. विनीत कुमार शुक्ला ने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। मानसिक रोग के प्रमुख लक्षणों में नकारात्मक विचार के साथ नींद का नहीं आना, मिर्गी का दौरा पड़ना, अचानक बेहोश होना, हाथ व पैर में झिनझिनी होना, भीड़ में जाने से घबराना, आत्महत्या करने का विचार आना या कोशिश करना, बिना किसी कारण अचानक घबराहट होना आदि शामिल है।
उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तंबाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है। नशा करने के लिए सिर्फ मादक पदार्थों की ही जरूरत नहीं होती है। बल्कि व्हाइटनर, नेल पॉलिश, पेट्रोल आदि की गंध, विक्स और झंड़ु बाम का सेवन से भी नशे किए जाते हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं। इस दौरान डॉ सौभाग्य प्रकाश, सीएमएस डॉ एके गुप्ता, डॉ राजेश गंगवार, मोनिका, डॉ लक्ष्मी, डॉ प्रांजल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को एडी हेल्थ डॉ. विनीत कुमार शुक्ला ने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। मानसिक रोग के प्रमुख लक्षणों में नकारात्मक विचार के साथ नींद का नहीं आना, मिर्गी का दौरा पड़ना, अचानक बेहोश होना, हाथ व पैर में झिनझिनी होना, भीड़ में जाने से घबराना, आत्महत्या करने का विचार आना या कोशिश करना, बिना किसी कारण अचानक घबराहट होना आदि शामिल है।
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उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तंबाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है। नशा करने के लिए सिर्फ मादक पदार्थों की ही जरूरत नहीं होती है। बल्कि व्हाइटनर, नेल पॉलिश, पेट्रोल आदि की गंध, विक्स और झंड़ु बाम का सेवन से भी नशे किए जाते हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं। इस दौरान डॉ सौभाग्य प्रकाश, सीएमएस डॉ एके गुप्ता, डॉ राजेश गंगवार, मोनिका, डॉ लक्ष्मी, डॉ प्रांजल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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