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Amroha News: बाजार के ठेकेदार ने ग्राम पंचायत को दिया चेक बाउंस, लाखों की रकम अटकी
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कैलसा। विकास खंड अमरोहा की ग्राम पंचायत नन्हेड़ा अल्यारपुर में बाजार के ठेके की धनराशि का चेक बैंक से निरस्त हो गया है। जिसके चलते लाखों की रकम अटक गई है। इस मामले में बीडीओ से कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम विकास अधिकारी ने बीडीओ को भेजे पत्र में कहा कि ग्राम पंचायत नन्हेड़ा अल्यारपुर में बाजार की नीलामी प्रक्रिया कराई गई थी। जिसमें ग्राम निवासी धर्मेंद्र सैनी को बाजार का ठेका दिया गया। ठेके की कुल धनराशि 13 लाख 65 हजार 500 रुपये निर्धारित की गई और रकम तीन किस्तों में जमा किए जाने की शर्त रखी गई थी। बताया गया है कि नीलामी की शर्तों के अनुसार पहली किस्त एक सप्ताह के भीतर जमा की जानी थी, जबकि दूसरी किस्त तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद जमा होनी थी।
ठेकेदार की ओर से पहली किस्त के तौर पर 4.55 लाख रुपये का चेक 24 अप्रैल में पंचायत को उपलब्ध कराया गया, जिसे बैंक ने निरस्त कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चेक निरस्त होने के बाद पंचायत स्तर से ठेकेदार को कई बार रकम जमा करने के लिए अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद सात सितंबर तक पंचायत के खाते में कोई धनराशि जमा नहीं की गई।
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शिकायतकर्ता के आरोप है कि बार-बार जानकारी देने के बावजूद ठेकेदार ने न तो निरस्त चेक के स्थान पर भुगतान किया और न ही पंचायत के खाते में अन्य माध्यम से धनराशि जमा कराई। ग्राम विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी से ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराने की मांग की है।
बीडीओ नीरज गर्ग का कहना है मामले नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम विकास अधिकारी ने बीडीओ को भेजे पत्र में कहा कि ग्राम पंचायत नन्हेड़ा अल्यारपुर में बाजार की नीलामी प्रक्रिया कराई गई थी। जिसमें ग्राम निवासी धर्मेंद्र सैनी को बाजार का ठेका दिया गया। ठेके की कुल धनराशि 13 लाख 65 हजार 500 रुपये निर्धारित की गई और रकम तीन किस्तों में जमा किए जाने की शर्त रखी गई थी। बताया गया है कि नीलामी की शर्तों के अनुसार पहली किस्त एक सप्ताह के भीतर जमा की जानी थी, जबकि दूसरी किस्त तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद जमा होनी थी।
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ठेकेदार की ओर से पहली किस्त के तौर पर 4.55 लाख रुपये का चेक 24 अप्रैल में पंचायत को उपलब्ध कराया गया, जिसे बैंक ने निरस्त कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चेक निरस्त होने के बाद पंचायत स्तर से ठेकेदार को कई बार रकम जमा करने के लिए अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद सात सितंबर तक पंचायत के खाते में कोई धनराशि जमा नहीं की गई।
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शिकायतकर्ता के आरोप है कि बार-बार जानकारी देने के बावजूद ठेकेदार ने न तो निरस्त चेक के स्थान पर भुगतान किया और न ही पंचायत के खाते में अन्य माध्यम से धनराशि जमा कराई। ग्राम विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी से ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराने की मांग की है।
बीडीओ नीरज गर्ग का कहना है मामले नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।