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ब्रजघाट से बस संचालन बंद, पैदल गुजरे श्रमिक
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गजरौला (अमरोहा)। लॉकडाउन में फंसे घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की घटती संख्या देख हापुड़ जिला प्रशासन ने ब्रजघाट में बसों का संचालन बंद करा दिया। इससे वहां आए श्रमिक परेशान रहे। इनमें कई बेबस मजदूरों की वाहन चालकों ने मदद की और कई ने बीच रास्ते में उतार दिया। बेचारे पैदल ही अपना सफर तय करने को मजबूर रहे। हालांकि कुछ को पुलिस और पालिका ने आश्रय स्थल भिजवा दिया। वहां से उन्हें अमरोहा भिजवाया गया। वहीं से उनके गृह जनपदों की ओर बसों की व्यवस्था की जा रही है।
शुक्रवार को कई दिनों की खामोशी के बाद एक बार फिर हाईवे पर श्रमिकों के जत्थे ब्रजघाट की ओर से पैदल आते दिखाई दिए। इन्होंने बताया कि वे सभी नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़ में काम करते हैं और पूर्वांचल में अपने-अपने घरों को जाने के लिए निकले हैं। इनका कहना था कि वे पहले ब्रजघाट गए थे। रात वहीं गुजारी। बताया गया कि सुबह को वहीं से बसें जाएंगी। दिन निकलने पर बताया गया कि आज बस सेवा बंद कर दी गई है। ऐसे में वे पैदल ही अपने सफर पर निकल पड़े। गोरखपुर जा रहे चांद खां, नवाब जान, इस्माइल, सलीम और वसीम ने बताया कि ब्रजघाट से रौनक फैक्ट्री तक उन्हें एक ट्रक वाले ने लिफ्ट दे दी थी। यहां उतार दिया और अब पैदल ही चले जा रहे हैं। बरेली जा रही कुसुम, नंदा, सलोनी, आईशा, नंदनी, हरकेश सिंह, वंदना, सुनील, रमेश, दयानंद ने बताया कि वे नोएडा से आ रहे हैं। पहले गाजियाबाद में पुलिस ने रोक दिया और फिर हापुड़ जनपद की सीमा पर हापुड़ पुलिस ने। उधर से आ रहे एक डंपर चालक ने ब्रजघाट तक बैठा लिया। वहां से कुछ दूरी पैदल चले तो एक ट्रैक्टर-ट्राली वाले किसान को तरस आ गया। वह कांकाठेर की ओर चला गया तो वहीं से पैदल चले आ रहे हैं। अब आगे उनकी किस्मत है कि पैदल ले जाएगी अथवा किसी गाड़ी में। वहीं, ब्रजघाट में अचानक से बसों का संचालन बंद होने से श्रमिकों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। यही वजह है कि अब फिर से हाईवे पर श्रमिकों के जत्थे नजर आ रहे हैं।
अमरोहा जनपद में किसी भी श्रमिक को पैदल नहीं चलने दिया जाएगा। इसके लिए गजरौला में पुलिस और पालिकाकर्मी उन्हें रोककर आश्रय स्थलों पर ला रहे हैं। वहां से उन्हें अमरोहा लाकर यहां से बसों में भिजवाया जा रहा है।
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उमेश मिश्र, डीएम
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शुक्रवार को कई दिनों की खामोशी के बाद एक बार फिर हाईवे पर श्रमिकों के जत्थे ब्रजघाट की ओर से पैदल आते दिखाई दिए। इन्होंने बताया कि वे सभी नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़ में काम करते हैं और पूर्वांचल में अपने-अपने घरों को जाने के लिए निकले हैं। इनका कहना था कि वे पहले ब्रजघाट गए थे। रात वहीं गुजारी। बताया गया कि सुबह को वहीं से बसें जाएंगी। दिन निकलने पर बताया गया कि आज बस सेवा बंद कर दी गई है। ऐसे में वे पैदल ही अपने सफर पर निकल पड़े। गोरखपुर जा रहे चांद खां, नवाब जान, इस्माइल, सलीम और वसीम ने बताया कि ब्रजघाट से रौनक फैक्ट्री तक उन्हें एक ट्रक वाले ने लिफ्ट दे दी थी। यहां उतार दिया और अब पैदल ही चले जा रहे हैं। बरेली जा रही कुसुम, नंदा, सलोनी, आईशा, नंदनी, हरकेश सिंह, वंदना, सुनील, रमेश, दयानंद ने बताया कि वे नोएडा से आ रहे हैं। पहले गाजियाबाद में पुलिस ने रोक दिया और फिर हापुड़ जनपद की सीमा पर हापुड़ पुलिस ने। उधर से आ रहे एक डंपर चालक ने ब्रजघाट तक बैठा लिया। वहां से कुछ दूरी पैदल चले तो एक ट्रैक्टर-ट्राली वाले किसान को तरस आ गया। वह कांकाठेर की ओर चला गया तो वहीं से पैदल चले आ रहे हैं। अब आगे उनकी किस्मत है कि पैदल ले जाएगी अथवा किसी गाड़ी में। वहीं, ब्रजघाट में अचानक से बसों का संचालन बंद होने से श्रमिकों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। यही वजह है कि अब फिर से हाईवे पर श्रमिकों के जत्थे नजर आ रहे हैं।
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अमरोहा जनपद में किसी भी श्रमिक को पैदल नहीं चलने दिया जाएगा। इसके लिए गजरौला में पुलिस और पालिकाकर्मी उन्हें रोककर आश्रय स्थलों पर ला रहे हैं। वहां से उन्हें अमरोहा लाकर यहां से बसों में भिजवाया जा रहा है।
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