{"_id":"5ea33b6f8ebc3e90586e5cd6","slug":"lock-down-gajraula-news-mbd347133891","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली से साइकिल से आए, ब्रजघाट में नाव से कर रहे थे गंगा पार, तिगरी में पकड़े 12 बिहारी श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली से साइकिल से आए, ब्रजघाट में नाव से कर रहे थे गंगा पार, तिगरी में पकड़े 12 बिहारी श्रमिक
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गजरौला (अमरोहा)। लॉकडाउन में पूरे देश के जनपदों की सीमाएं सील होने के बावजूद दिल्ली और अन्य राज्यों में फंसे लोगों का अपने-अपने घरों को लौटने का सिलसिला जारी है। पुलिस की तमाम सख्ती के बावजूद ये मजबूर लोग मुख्य मार्ग से न जाकर छिपते-छुपाते पैदल अथवा साइकिल से सैकड़ों किलोमीटर का सफर करने को विवश हैं। ऐसे ही दिल्ली से साइकिल पर बिहार जा रहे 12 श्रमिकों को नाविक ने 24 सौ रुपये लेकर ब्रजघाट से गंगा पार कर तिगरी में उतार दिया लेकिन ग्राम प्रधान नारायण सिंह यादव ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस भी आ गई। बाद में सभी को एक आश्रम में खाना खिलाकर वापस नाव में बैठाकर गंगा पार भेज दिया गया।
शुक्रवार की अपरान्ह गंगाधाम तिगरी के ग्राम प्रधान नारायण सिंह यादव गांव कांकाठेर में गंगा किनारे स्थित खेत में मजदूरों के लिए खाना लेकर जा रहे थे। अचानक ही उनकी निगाह दूर गेहूं के खेतों के बीच से आने वाली पगडंडी पर साइकिल से आ रहे 12 युवकों पर पड़ी। टोकने पर पहले तो उन्होंने बताया कि वे नाव में बैठकर हापुड़ से आ रहे और गेहूं की फसल काटने गए थे। संदेह होने पर प्रधान ने उनसे सख्त लहजे में पूछा तो उनकी आंखें भर आईं। बताया कि वे जिला छपरा बिहार के रहने वाले हैं और दिल्ली से अपने गांव वापस लौट रहे हैं। यहां ब्रजघाट में गंगा पार कर इधर आ गए हैं। ग्राम प्रधान ने सभी को वहीं रोक लिया और पुलिस को सूचित कर दिया। वहां आई पुलिस ने बिहार निवासी अभिनव कुमार, अजीत, सुखसागर, महेश कुमार राणा, हरिओम लाल, कृष्णकुमार, राहुल, लालबहादुर, दीपक सिंह, दीपक, रामपाल और श्रवण प्रसाद का नाम-पता नोट कर उन्हें गांव तिगरी में ले जाकर वहां एक आश्रम में भोजन कराया। इसके बाद सभी को नाव में बैठाकर गंगा पार गढ़ क्षेत्र में छुड़वा दिया। युवकों ने पुलिस को बताया कि नाविक ने सभी से दो-दो सौ रुपये वसूले थे।
नाविकों पर सख्ती बरते तो रुके बाहरी लोगों का आना
गजरौला। गंगाधाम तिगरी के ग्राम प्रधान नारायण यादव ने बताया कि पुलिस की सख्ती को गंगा में नाव चलाने वाले कुछ नाविक ही धता बता रहे हैं। ये नाविक रुपयों के लालच में दिल्ली और अन्य राज्यों से आ रहे लोगों को ब्रजघाट क्षेत्र से नाव में बैठाकर अमरोहा जनपद की सीमा में छोड़ रहे हैं। कभी रात के अंधेरे तो कभी तड़के में और दोपहर के समय ये नाविक दो सौ से पांच सौ रुपये वसूलकर लोगों को नाव में बैठाकर लाते हैं और गांव में उतार देते हैं। यहां से मजबूर लोग पैदल होते हुए अपने-अपने घरों को जा रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस को चाहिए कि ब्रजघाट से तिगरी तक गंगा में पेट्रोलिंग करें और नाविकों पर भी निगाह रखें।
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शुक्रवार की अपरान्ह गंगाधाम तिगरी के ग्राम प्रधान नारायण सिंह यादव गांव कांकाठेर में गंगा किनारे स्थित खेत में मजदूरों के लिए खाना लेकर जा रहे थे। अचानक ही उनकी निगाह दूर गेहूं के खेतों के बीच से आने वाली पगडंडी पर साइकिल से आ रहे 12 युवकों पर पड़ी। टोकने पर पहले तो उन्होंने बताया कि वे नाव में बैठकर हापुड़ से आ रहे और गेहूं की फसल काटने गए थे। संदेह होने पर प्रधान ने उनसे सख्त लहजे में पूछा तो उनकी आंखें भर आईं। बताया कि वे जिला छपरा बिहार के रहने वाले हैं और दिल्ली से अपने गांव वापस लौट रहे हैं। यहां ब्रजघाट में गंगा पार कर इधर आ गए हैं। ग्राम प्रधान ने सभी को वहीं रोक लिया और पुलिस को सूचित कर दिया। वहां आई पुलिस ने बिहार निवासी अभिनव कुमार, अजीत, सुखसागर, महेश कुमार राणा, हरिओम लाल, कृष्णकुमार, राहुल, लालबहादुर, दीपक सिंह, दीपक, रामपाल और श्रवण प्रसाद का नाम-पता नोट कर उन्हें गांव तिगरी में ले जाकर वहां एक आश्रम में भोजन कराया। इसके बाद सभी को नाव में बैठाकर गंगा पार गढ़ क्षेत्र में छुड़वा दिया। युवकों ने पुलिस को बताया कि नाविक ने सभी से दो-दो सौ रुपये वसूले थे।
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नाविकों पर सख्ती बरते तो रुके बाहरी लोगों का आना
गजरौला। गंगाधाम तिगरी के ग्राम प्रधान नारायण यादव ने बताया कि पुलिस की सख्ती को गंगा में नाव चलाने वाले कुछ नाविक ही धता बता रहे हैं। ये नाविक रुपयों के लालच में दिल्ली और अन्य राज्यों से आ रहे लोगों को ब्रजघाट क्षेत्र से नाव में बैठाकर अमरोहा जनपद की सीमा में छोड़ रहे हैं। कभी रात के अंधेरे तो कभी तड़के में और दोपहर के समय ये नाविक दो सौ से पांच सौ रुपये वसूलकर लोगों को नाव में बैठाकर लाते हैं और गांव में उतार देते हैं। यहां से मजबूर लोग पैदल होते हुए अपने-अपने घरों को जा रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस को चाहिए कि ब्रजघाट से तिगरी तक गंगा में पेट्रोलिंग करें और नाविकों पर भी निगाह रखें।
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