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Amroha: शराब की दुकानों को भी जमा करना होगा किरायानामे का स्टांप शुल्क, यूपी सरकार को होता था नुकसान
Fri, 17 May 2024 09:20 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 17 May 2024 09:20 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश में स्टांप शुल्क जमा न होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। जिसके बाद अब शराब की दुकानों को किरायानामे का स्टांप शुल्क जमा करना होगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ani
विस्तार
जिले में संचालित हो रही शराब की दुकानें अब किरायानामे में स्टांप की चोरी नहीं कर सकेंगी। अनुबंध के साथ ही शराब की दुकानों के अनुज्ञापियाें को किरायानामे को नियमानुसार स्टांप के साथ रजिस्टीकृत कराना होगा। जिसके संबंध में आयुक्त स्टांप द्वारा आदेश जारी होने के बाद आबकारी विभाग इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है।
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जिले में आबकारी विभाग के अधीन देशी शराब की 121, विदेशी शराब की 46 बीयर की 44 दुकानाें का संचालन किया जाता है। इसके अलावा दो मॉडल शॉप का संचालन भी होता है। लेकिन इन दुकानों द्वारा रजिस्ट्रीकृत किरायानामे का अनुबंध न कराकर स्टांप की चोरी की जा रही थी।
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जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब शासन द्वारा शराब की दुकान के अनुबंध के साथ ही रजिस्ट्रीकृत किरायानामा कराए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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आयुक्त स्टांप द्वारा इस संबंध में दिशा निर्देश जारी होने के बाद स्टांप विभाग द्वारा आबकारी विभाग को भी इसके संबंध में अवगत करा दिया गया है। सहायक आयुक्त स्टांप दीनानाथ वर्मा ने बताया कि शराब की दुकानाें के नियमानुसार स्टांप शुल्क जमाकर किरायानामा अनुबंध कराए जाने के निर्देश मिले हैं। आबकारी विभाग को इस संबंध में पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है।
इस तरह जमा होगा स्टांप शुल्क
एक वर्ष तक की अवधि के लिए ग्रामीण क्षेत्र में कुल देय किराये पर दो प्रतिशत की दर से स्टांप शुल्क जमा करना होगा, जबकि शहरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र से दोगुना स्टांप शुल्क जमा करना होगा। शहरी क्षेत्र में कुल देय किराये पर चार प्रतिशत स्टांप शुल्क जमा करना होगा। जबकि इससे अधिक समय के लिए स्टांप शुल्क की देयता भी बढ़ जाएगी।