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बिजली बिल को लेकर क्रेशर स्वामी एमडी से मिले
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। अस्थायी कनेक्शन के बावजूद स्थायी कनेक्शन का बिजली बिल भेजने से नाराज क्रेशर स्वामियों ने मेरठ जाकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक से मुलाकात की और उनको व्यथा बताई। क्रेशर स्वामियों का कहना था कि अधिशासी अभियंता बिजली बिल को लेकर हठधर्मिता पर उतारू हैं। प्रबंधक निदेशक ने क्रेशर स्वामियों को उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
गजरौला डिवीजन में कुल 17 क्रेशर इकाइयां हैं। गन्ना पेराई सत्र के दौरान क्रेशर स्वामी बिजली का अस्थाई कनेक्शन लेते हैं। आफ सीजन में वह कनेक्शन कटवा देते हैं। इसके लिए प्रत्येक क्रेशर स्वामी ने नौ लाख रुपये की धनराशि एडवांस में जमा की है। क्रेशर स्वामियों का आरोप है कि विभाग उनको अस्थाई कनेक्शन के बजाय स्थायी कनेक्शन के बिल दे रहा है। हालांकि स्थायी कनेक्शन की दर अस्थाई कनेक्शन की दर से कम हैं लेकिन उनको आफ सीजन में भी बिल देना होगा। दूसरी ओर एडवांस में दी गई राशि भी विभाग एडजस्ट करने को तैयार नहीं है। इसको लेकर क्रेशर मालिकों ने प्रबंध निदेशक से मुलाकात की थी। क्रेशर यूनियन के पदाधिकारी राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने उनकी समस्या को वाजिब बताते हुए शीघ्र ही समाधान का आश्वासन दिया है।
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गजरौला डिवीजन में कुल 17 क्रेशर इकाइयां हैं। गन्ना पेराई सत्र के दौरान क्रेशर स्वामी बिजली का अस्थाई कनेक्शन लेते हैं। आफ सीजन में वह कनेक्शन कटवा देते हैं। इसके लिए प्रत्येक क्रेशर स्वामी ने नौ लाख रुपये की धनराशि एडवांस में जमा की है। क्रेशर स्वामियों का आरोप है कि विभाग उनको अस्थाई कनेक्शन के बजाय स्थायी कनेक्शन के बिल दे रहा है। हालांकि स्थायी कनेक्शन की दर अस्थाई कनेक्शन की दर से कम हैं लेकिन उनको आफ सीजन में भी बिल देना होगा। दूसरी ओर एडवांस में दी गई राशि भी विभाग एडजस्ट करने को तैयार नहीं है। इसको लेकर क्रेशर मालिकों ने प्रबंध निदेशक से मुलाकात की थी। क्रेशर यूनियन के पदाधिकारी राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने उनकी समस्या को वाजिब बताते हुए शीघ्र ही समाधान का आश्वासन दिया है।
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