फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   kidnaping

अपहरण के पीछे अपंजीकृत डॉक्टरों की गुटबाजी तो नहीं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 02:15 AM IST
विज्ञापन
kidnaping
अमरोहा। अपंजीकृत डॉक्टर के अपहरण के पीछे कहीं उनकी गुटबाजी तो नहीं है, इस बिंदु पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। जिले में पश्चिम बंगाल से आकर पचास से अधिक लोग बंगाली डाक्टर के नाम पर अवैध रूप से क्लीनिक खोल रखे हैं। यह लोग पिछले कई सालों से अमरोहा में स्थायी तौर पर रह रहे हैं। इन बंगाली अपंजीकृत डाक्टरों में गुटबाजी चल रही है। दो महीने पहले अपहृत अपंजीकृत डाक्टर गुट के कई लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से दोनों गुटों में तनातनी चल रही है।
विज्ञापन

पश्चिमी बंगाल से आए 50 से अधिक बंगाली परिवार जिले के हसनपुर, धनौरा और अमरोहा सर्किल क्षेत्र में रहते हैं। इसमें से अधिकतर लोगों ने ग्रामीण इलाकों में अवैध क्लीनिक खोलकर बंगाली डाक्टर के नाम अपनी दुकानदारी चलाते हैं। सभी ने मिलकर बिना रजिस्टर्ड संगठन भी बना रखा है। एक साल में रुपये भी एकत्र करते हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले वार्षिक बैठक के दौरान रुपये के हिसाब को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद अपंजीकृत बंगाली डॉक्टरों में दो फाड़ हो गए। दो गुट बन गए। इसमें अपहृत पंकज विश्वास एक गुट के अध्यक्ष हैं। जबकि दूसरे गुट का अध्यक्ष अतरासी में रहने वाला एक बंगाली है। दोनों गुट एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं। इस गुटबाजी से स्वास्थ्य विभाग भी अछूता नहीं है। करीब दो महीने पहले स्वास्थ्य विभाग ने अपहृत पंकज विश्वास के गुट वाले कई बंगालियों पर अवैध रूप से क्लीनिक चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सूत्रों के मुताबिक बाद में स्वास्थ्य विभाग की साठगांठ से एफआईआर को समाप्त करा दिया गया है। लेकिन दोनों गुटों में तनातनी जारी है। कहीं अपंजीकृत बंगाली डॉक्टरों में गुटबाजी तो अपहरण की वजह नहीं है, यह पुलिस के लिए सवाल बना हुआ है।
विज्ञापन

आखिर अपहरण करने वाले कौन
अमरोहा। अपंजीकृत बंगाली डॉक्टर पंकज विश्वास पिछले करीब तीस सालों से कैलसा बॉर्डर में रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक पंकज व्यवहार कुशल हैं। ऐसे में कौन उनका दुश्मन हो सकता है। पुलिस हर बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाहरी पुलिस के उठाने की भी चर्चा
अमरोहा। पुलिस की वर्दी में बदमाश होने से अंदाजा लगाया जा रहा था कि कहीं बाहरी पुलिस ने तो नहीं पंकज विश्वास को उठा लिया। लेकिन, चौबीस घंटे से अधिक बीतने के बाद ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। हालांकि की पुलिस ने रात में ही अपहरण की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वहीं पुलिस ने परिजनों के नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं।
पांच टीमें लगाईं, ताबड़तोड़ चेकिंग
अमरोहा। अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के गांव कैलसा बॉर्डर में रहने वाले अपंजीकृत बंगाली डॉक्टर के अपहरण के खुलासे को एसपी ने पांच टीमें लगाई हैं। टीमों का नेतृत्व एएसपी अजय प्रताप सिंह कर रहे है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। एसपी डॉ. विपिन ताडा ने स्वयं पंकज की पत्नी और बच्चों से बात की। उनके किसी रंजिश के बारे में पूछा। लेकिन, उन्होंने रंजिश होने से इंकार कर दिया है। एसपी के निर्देश पर जिले भर में ताबड़तोड़ चेकिंग कराई गई। हालांकि कोई कामयाबी नहीं मिली है।

फिरौती नहीं तो क्या है अपहरण का उद्देश्य
अमरोहा। अपंजीकृत बंगाली डॉक्टर पंकज विश्वास का अपहरण फिरौती के लिए नहीं किया गया तो उद्देश्य क्या है। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने फिरौती के लिए परिजनों से संपर्क नहीं किया है। जबकि देर रात तक अपहरण की वजह भी निकलकर सामने नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed