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कांवड़िया मनोज की मौत से अनजान रहे परिजन
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हसनपुर (अमरोहा)। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे हसनपुर के शिव भक्त की मौत की जानकारी देर रात तक उनके परिजनों को नहीं मिली। हालांकि कुछ रिश्तेदार इसकी सूचना पर मौके पर पहुंच गए। बताते हैं कि कांवड़ लाने के दौरान साथियों से बिछड़ जाने के बाद शिव भक्त की हालत खराब हुई थी।
बताते हैं कि नगर के मोहल्ला महल निवासी मनोज अग्रवाल (35) पुत्र रामचंद्र शनिवार शाम को मोहल्ले के ही दिव्यम और राजपूत कॉलोनी के जत्थे के साथ टाटा मैजिक लेकर हरिद्वार से कांवड़ लेने गए थे। बताते हैं कि हरिद्वार से 20 किलोमीटर नजीबाबाद की दिशा में चलने के बाद मनोज ने अपनी कांवड़ साथी को थमा दी। इसी दौरान वह अपने जत्थे से बिछड़ गए। रास्ते में चलते-चलते हालत खराब हो गई। लोगों ने चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मोहल्ले में इसकी भनक लगने पर लोग एक दूसरे से फोन पर जानकारी करने लगे। रात 9 बजे तक भी मनोज के परिजनों को उनकी मौत के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्हें कोमा में जाने की बात बताई गई थी। बताते हैं कि मनोज अग्रवाल सुखदेवी इंटर कॉलेज के पास जनसेवा केंद्र चलाते थे। परिवार में उनके अलावा पत्नी नेहा अग्रवाल, दो बेटियां व छोटा बेटा है।
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बताते हैं कि नगर के मोहल्ला महल निवासी मनोज अग्रवाल (35) पुत्र रामचंद्र शनिवार शाम को मोहल्ले के ही दिव्यम और राजपूत कॉलोनी के जत्थे के साथ टाटा मैजिक लेकर हरिद्वार से कांवड़ लेने गए थे। बताते हैं कि हरिद्वार से 20 किलोमीटर नजीबाबाद की दिशा में चलने के बाद मनोज ने अपनी कांवड़ साथी को थमा दी। इसी दौरान वह अपने जत्थे से बिछड़ गए। रास्ते में चलते-चलते हालत खराब हो गई। लोगों ने चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मोहल्ले में इसकी भनक लगने पर लोग एक दूसरे से फोन पर जानकारी करने लगे। रात 9 बजे तक भी मनोज के परिजनों को उनकी मौत के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्हें कोमा में जाने की बात बताई गई थी। बताते हैं कि मनोज अग्रवाल सुखदेवी इंटर कॉलेज के पास जनसेवा केंद्र चलाते थे। परिवार में उनके अलावा पत्नी नेहा अग्रवाल, दो बेटियां व छोटा बेटा है।
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