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Amroha News: फंदेड़ी में हुए कामों की जांच पूरी, मिलीं खामियां
Fri, 27 Jun 2025 01:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:50 AM IST
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अमरोहा।
मंडी धनौरा ब्लाॅक के गांव फंदेड़ी के ग्रामीणों द्वारा गांंव में विकास कार्यों को लेकर हुई शिकायत की जांच पूरी हो गई है। इसमें कई खामियां सामने आईं हैं। जांच अधिकारी रहीं सहायक निदेशक मत्स्य व सिंचाई विभाग के एई ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
फंदेड़ी के ग्रामीणों ने गांव में विकास कार्यों में हुई अनियमितता व शासकीय धनराशि के दुरुपयोग करने की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने मामले की जांच सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह व सिंचाई विभाग के एई को सौंप दी थी। दोनाें अफसरों ने 11 अलग-अलग बिंदुओं पर अपनी जांच पूरी की। इसमें कई बिंदुओं पर लापरवाही पाई गई है। पंचायत में फर्नीचर क्रय करने में भी 1.26 लाख रुपये की पत्रावली जांच के दौरान प्रधान व सचिव उपलब्ध नहीं करा सके।
जांच समिति ने पाया कि पंचायत में किए गए कार्य आईडी के अनुसार नहीं किए गए हैं। कार्य की आईडी किसी ओर नाम से जनरेट की गई ओर कार्य कहीं ओर किए गए हैं। निर्माण कार्यों की माप पुस्तिका में दिनांक भी नहीं मिली। प्रधान व सचिव द्वारा पत्रावलियों में हस्ताक्षर के साथ तारीख नहीं डाली गई। फर्नीचर क्रय से संबंधित पत्रावली में कुटेशन भी नहीं पाई गई। जांच में ज्यारत वाले तालाब पर कब्जा पाया गया। डीपीआरओ पारूल सिसोदिया ने बताया कि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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मंडी धनौरा ब्लाॅक के गांव फंदेड़ी के ग्रामीणों द्वारा गांंव में विकास कार्यों को लेकर हुई शिकायत की जांच पूरी हो गई है। इसमें कई खामियां सामने आईं हैं। जांच अधिकारी रहीं सहायक निदेशक मत्स्य व सिंचाई विभाग के एई ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
फंदेड़ी के ग्रामीणों ने गांव में विकास कार्यों में हुई अनियमितता व शासकीय धनराशि के दुरुपयोग करने की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने मामले की जांच सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह व सिंचाई विभाग के एई को सौंप दी थी। दोनाें अफसरों ने 11 अलग-अलग बिंदुओं पर अपनी जांच पूरी की। इसमें कई बिंदुओं पर लापरवाही पाई गई है। पंचायत में फर्नीचर क्रय करने में भी 1.26 लाख रुपये की पत्रावली जांच के दौरान प्रधान व सचिव उपलब्ध नहीं करा सके।
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जांच समिति ने पाया कि पंचायत में किए गए कार्य आईडी के अनुसार नहीं किए गए हैं। कार्य की आईडी किसी ओर नाम से जनरेट की गई ओर कार्य कहीं ओर किए गए हैं। निर्माण कार्यों की माप पुस्तिका में दिनांक भी नहीं मिली। प्रधान व सचिव द्वारा पत्रावलियों में हस्ताक्षर के साथ तारीख नहीं डाली गई। फर्नीचर क्रय से संबंधित पत्रावली में कुटेशन भी नहीं पाई गई। जांच में ज्यारत वाले तालाब पर कब्जा पाया गया। डीपीआरओ पारूल सिसोदिया ने बताया कि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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