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आयकरदाता ले रहे सम्मान निधि, 35 हजार किसानों को नहीं मिली एक भी किस्त
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जिले में अधिकारियों की लापरवाही के चलते आयकरदाता और मृतक किसान भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। करीब 22 सौ आयकर दाताओं और 200 मृतक किसानों के खाते में सम्मान निधि पहुंच रही है। जबकि 35 हजार किसानों को आज तक एक भी किस्त नहीं मिली सकी है। सत्यापन के दौरान सरकार की आईटी सेल ने गड़बड़ी को पकड़ा तो अधिकारियों में खलबली मच गई। शासन से मिली सूची के आधार पर कृषि विभाग ने बैंक को को रिकवरी के नोटिस भेजे। लाभ लेने वाले आयकरदाताओं और मृतक किसानों से एक करोड़ 68 लाख रुपये की रिकवरी की जायेगी।
लोकसभा चुनाव से पहले एक फरवरी 2019 को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। केंद्र सरकार ने दो हेक्टेयर तक जमीन वाले लघु और सीमांत किसानों को सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये सालाना देने का एलान किया गया था। जिले में कुल किसानों की संख्या 2.70 लाख है। जबकि सम्मान निधि के लिए पात्र किसानों की संख्या 2.38 लाख है। इन सभी को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। कृषि विभाग ने सभी किसानों का सर्वे कर डेट शासन को भेजा था। लेकिन सत्यापन के दौरान शासन की आईटी सेल टीम ने बड़ी गड़बड़ी पकड़ी है। जिसमें सामने आया कि जिले में 2,274 आयकरदाता सम्मान निधि ले रहे हैं। जबकि 200 मृत किसानों के खाते में भी सम्मान निधि की किस्त पहुंच रही है। खुलासा होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कृषि विभाग और तहसील अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे। शासन ने सभी आयकरदाताओं और मृतकों की सूची कृषि विभाग को भेजकर रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं। इन अपात्रों से 1.68 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी है। ऐसे में कृषि विभाग ने आनन-फानन में बैंकों ने रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए हैं। हैरत की बात यह है कि जिले में मृतक और आयकरदाता सम्मान निधि ले रहे हैं। जबकि 35 हजार किसानों को आज तक एक भी किस्त नहीं मिली है।
जिले में आयकरदाताओं और मृतकों की सूची शासन से मिली है। दोनों तरह से लोगों से करीब 1.68 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी हैं। इस संबंध में बैंकों को नोटिस भेजे गए हैं। बुधवार को पहले दिन कुछ किसानों से 6.34 लाख रुपये की रिकवरी कराई गई है। अन्य से भी वूसली की जा रही है।-राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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लोकसभा चुनाव से पहले एक फरवरी 2019 को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। केंद्र सरकार ने दो हेक्टेयर तक जमीन वाले लघु और सीमांत किसानों को सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये सालाना देने का एलान किया गया था। जिले में कुल किसानों की संख्या 2.70 लाख है। जबकि सम्मान निधि के लिए पात्र किसानों की संख्या 2.38 लाख है। इन सभी को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। कृषि विभाग ने सभी किसानों का सर्वे कर डेट शासन को भेजा था। लेकिन सत्यापन के दौरान शासन की आईटी सेल टीम ने बड़ी गड़बड़ी पकड़ी है। जिसमें सामने आया कि जिले में 2,274 आयकरदाता सम्मान निधि ले रहे हैं। जबकि 200 मृत किसानों के खाते में भी सम्मान निधि की किस्त पहुंच रही है। खुलासा होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कृषि विभाग और तहसील अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे। शासन ने सभी आयकरदाताओं और मृतकों की सूची कृषि विभाग को भेजकर रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं। इन अपात्रों से 1.68 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी है। ऐसे में कृषि विभाग ने आनन-फानन में बैंकों ने रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए हैं। हैरत की बात यह है कि जिले में मृतक और आयकरदाता सम्मान निधि ले रहे हैं। जबकि 35 हजार किसानों को आज तक एक भी किस्त नहीं मिली है।
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जिले में आयकरदाताओं और मृतकों की सूची शासन से मिली है। दोनों तरह से लोगों से करीब 1.68 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी हैं। इस संबंध में बैंकों को नोटिस भेजे गए हैं। बुधवार को पहले दिन कुछ किसानों से 6.34 लाख रुपये की रिकवरी कराई गई है। अन्य से भी वूसली की जा रही है।-राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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