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Amroha News: मारपीट और एससी एसटी एक्ट में पति-पत्नी को छह माह की सजा
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अमरोहा। मारपीट और एससी एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय ने पति-पत्नी को छह महीने की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी पति-पत्नी जमानत पर जेल से बाहर हैं।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव गांगटकोला में अनुसूचित जाति के यतीश का परिवार रहता है। उनका आरोप है कि 27 जून 2014 की शाम पांच बजे कपड़ों की फेरी लगाकर अपने गांव वापस जा रहा था। तभी हथियाखेड़ा गांव के बाहर नेपाल ने रोक लिया और कपड़े देखने लगा। पीड़ित यतीश ने नेपाल से कपड़े बिखेरने से मना किया तो वह गाली गलौज करने लगा। तभी आरोपी नेपाल ने आवाज देकर अपनी पत्नी सुनीता और भाई हेतराम को बुला लिया। तभी तीनों आरोपियों ने यतीश के साथ बुरी तरह मारपीट की और पैंट का कपड़ा लेकर भाग गए। पीड़ित के शोर मचाने पर लोगों ने उसे बमुश्किल बचाया।
मामले में पीड़ित ने नेपाल, उसकी पत्नी सुनीता और भाई हेतराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष एससी एसटी एक्ट कुसुमलता की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज सक्सेना पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर नेपाल और उसकी पत्नी सुनीता को दोषी करार दिया। साथ ही 6 महीने की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पति-पत्नी पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव गांगटकोला में अनुसूचित जाति के यतीश का परिवार रहता है। उनका आरोप है कि 27 जून 2014 की शाम पांच बजे कपड़ों की फेरी लगाकर अपने गांव वापस जा रहा था। तभी हथियाखेड़ा गांव के बाहर नेपाल ने रोक लिया और कपड़े देखने लगा। पीड़ित यतीश ने नेपाल से कपड़े बिखेरने से मना किया तो वह गाली गलौज करने लगा। तभी आरोपी नेपाल ने आवाज देकर अपनी पत्नी सुनीता और भाई हेतराम को बुला लिया। तभी तीनों आरोपियों ने यतीश के साथ बुरी तरह मारपीट की और पैंट का कपड़ा लेकर भाग गए। पीड़ित के शोर मचाने पर लोगों ने उसे बमुश्किल बचाया।
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मामले में पीड़ित ने नेपाल, उसकी पत्नी सुनीता और भाई हेतराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष एससी एसटी एक्ट कुसुमलता की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज सक्सेना पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर नेपाल और उसकी पत्नी सुनीता को दोषी करार दिया। साथ ही 6 महीने की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पति-पत्नी पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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