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Amroha News: डॉ. महताब अमरोहवी की पुस्तकों का विमोचन
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अमरोहा। नायाब अब्बासी डिग्री कॉलेज में रविवार को वरिष्ठ पत्रकार डॉ. महताब अमरोहवी की पुस्तक फन-ए-कलाम निगारी और कुछ मेरे कॉलम का विमोचन हुआ। उत्तर प्रदेश अंजुमन तरक्की के उपाध्यक्ष डॉ. सिराजउद्दीन हाशमी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में पत्रकारिता, सहाफत और साहित्य जगत की हस्तियां शामिल हुईं।
मुख्य अतिथि सदर विधायक, लोक लेखा समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी महबूब अली ने कहा कि मौजूदा दौर में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय निष्पक्ष पत्रकारिता और स्तंभ लेखन साहस का काम है। उन्होंने पुस्तक को पत्रकारिता में शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। मुख्य वक्ता पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पूर्व विभागाध्यक्ष उर्दू-फारसी प्रोफेसर नाशिर नकवी रहे।
डॉ. तारिक अजीम एडवोकेट ने कहा कि विमोचन कलम की ताकत और सम्मान का स्वीकार है। डॉ. जमशेद कमाल अमरोहवी ने कहा कि कॉलम समाज की उपेक्षित आवाजों को सामने लाने का माध्यम है। डॉ. महताब अमरोहवी ने बताया कि पुस्तक पांच वर्षों की मेहनत का परिणाम है, जिसमें खबरों के चयन, भाषा, संपादन, सामाजिक प्रभाव और संपादकीय पृष्ठ के लिए कॉलम चयन जैसी पत्रकारिता तकनीकों पर चर्चा है।
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डॉ. नासिर अमरोही, सैयद महबूब जैदी समेत कई वक्ताओं ने विचार रखे। उनेसा रमीज ने तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक और डॉ. मुबारक अमरोहवी ने नात-ए-पाक पेश की। संचालन सैयद शैबान कादरी ने किया। कासर अब्बासी, इकबाल अहमद खान, अमीर अमरोहवी, आरिफ मुनीर, मोमनीन कुरैशी, मौलाना हनीफ और मो. अहमद जैदी आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि सदर विधायक, लोक लेखा समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी महबूब अली ने कहा कि मौजूदा दौर में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय निष्पक्ष पत्रकारिता और स्तंभ लेखन साहस का काम है। उन्होंने पुस्तक को पत्रकारिता में शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। मुख्य वक्ता पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पूर्व विभागाध्यक्ष उर्दू-फारसी प्रोफेसर नाशिर नकवी रहे।
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डॉ. तारिक अजीम एडवोकेट ने कहा कि विमोचन कलम की ताकत और सम्मान का स्वीकार है। डॉ. जमशेद कमाल अमरोहवी ने कहा कि कॉलम समाज की उपेक्षित आवाजों को सामने लाने का माध्यम है। डॉ. महताब अमरोहवी ने बताया कि पुस्तक पांच वर्षों की मेहनत का परिणाम है, जिसमें खबरों के चयन, भाषा, संपादन, सामाजिक प्रभाव और संपादकीय पृष्ठ के लिए कॉलम चयन जैसी पत्रकारिता तकनीकों पर चर्चा है।
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डॉ. नासिर अमरोही, सैयद महबूब जैदी समेत कई वक्ताओं ने विचार रखे। उनेसा रमीज ने तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक और डॉ. मुबारक अमरोहवी ने नात-ए-पाक पेश की। संचालन सैयद शैबान कादरी ने किया। कासर अब्बासी, इकबाल अहमद खान, अमीर अमरोहवी, आरिफ मुनीर, मोमनीन कुरैशी, मौलाना हनीफ और मो. अहमद जैदी आदि मौजूद रहे।