नहीं बची जिदंगी की कोई अहमियत: पंचायत में मजूदर की मौत की कीमत लगी ढाई लाख, कातिल 'लाला' की करतूत पर डला पर्दा
मजदूर को परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से नीचे उतारा और देखा तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजन घटना की जानकारी देने थाने जाने लगे तो गांव के कुछ लोगों ने परिजनों को रोक लिया। जिसके बाद गांव में एक पंचायत आयोजित की गई।
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मतलबी दुनिया में आदमी की जिंदगी की कोई अहमियत नहीं रह गई है। आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव में फोन पर बात करने पर दुकानदार ने मजदूर की सरेराह पिटाई कर दी। जिससे क्षुब्ध मजदूर अपने खेत पर पहुंचा और पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला गांव के बुजुर्गों पर पहुंचा तो पंचायत बुलाई गई। चौंकने वाली बात यह है कि पंचायत में मजदूर की मौत ढाई लाख रुपये लगाकर मामला दबा दिया गया। इस मामले में पुलिस जानकारी होने सें इनकार कर रही है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक आदमपुर कस्बे में गल्ला व्यापारी की दुकान पर मजदूरी का काम करता था। मंगलवार की सुबह मजदूर काम करने आया था। काम करते समय मजदूर के फोन पर किसी की कॉल आई तो वह काम को छोड़कर फोन पर बात करने लगा। मजदूर को फोन पर बात करते देख मालिक ने मजदूर से गाली गलौज करते हुए सरेराह उसकी पिटाई कर दी।
कुछ देर बाद पिटाई से क्षुब्द मजदूर नाराज होकर चला गया। पिटाई से वह इतना आहत हुआ कि उसने अपने खेत पर जाकर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने मजदूर को फांसी पर लटका देख उसके परिजनों को सूचना दी।
मजदूर को परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से नीचे उतारा और देखा तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजन घटना की जानकारी देने थाने जाने लगे तो गांव के कुछ लोगों ने परिजनों को रोक लिया। जिसके बाद गांव में एक पंचायत आयोजित की गई। जिसमें मजदूर की मौत का कारण बने मालिक पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बाद में मामले को रफा-दफा कर दिया। युवक दो भाइयों में बड़ा था। थाना प्रभारी निरीक्षक वरूण कुमार ने बताया कि मामले की सूचना थाने पर प्राप्त नहीं हुई है। अगर कोई तहरीर लेकर आता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।