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हिंदी अब लोकल से ग्लोबल तक पहुंची : डॉ. रणदेव
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अमरोहा। जगदीश शरण हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग और हिंदी साहित्य भारती, अमरोहा के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को हिंदी दिवस पर ‘हिंदी भाषा लोकल से ग्लोबल’ विषय पर संगोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी हुई। प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र सिंह संरक्षक रहे। अध्यक्षता कवि-साहित्यकार स्योनाथ सिंह ने की, जबकि कवयित्री शशि त्यागी विशिष्ट अतिथि रहीं।
डॉ. रणदेव सिंह ने कहा कि हिंदी अब भावों के साथ वैश्विक बाजार और तकनीक की भाषा भी बन रही है। वंदे मातरम् से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक हिंदी की यात्रा लोकल से ग्लोबल होने की यात्रा है। रेशु, कामिनी, कशिश, हर्ष अमरोही और आकर्ष अमरोही ने भी विचार रखे।
काव्य गोष्ठी में स्योनाथ सिंह ‘शिव’, शशि त्यागी, डॉ. अरविंद शास्त्री, हेमनंदन पाराशर, आकर्ष सफर अमरोहवी, हरमिंदर कौर, हर्ष अमरोहवी, राजीव कुमार और डॉ. बबलू सिंह ने कविता पाठ किया। संचालन डॉ. मोहम्मद जावेद ने किया। विभागाध्यक्ष प्रो. बीना रुस्तगी ने आभार जताया।
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डॉ. रणदेव सिंह ने कहा कि हिंदी अब भावों के साथ वैश्विक बाजार और तकनीक की भाषा भी बन रही है। वंदे मातरम् से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक हिंदी की यात्रा लोकल से ग्लोबल होने की यात्रा है। रेशु, कामिनी, कशिश, हर्ष अमरोही और आकर्ष अमरोही ने भी विचार रखे।
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काव्य गोष्ठी में स्योनाथ सिंह ‘शिव’, शशि त्यागी, डॉ. अरविंद शास्त्री, हेमनंदन पाराशर, आकर्ष सफर अमरोहवी, हरमिंदर कौर, हर्ष अमरोहवी, राजीव कुमार और डॉ. बबलू सिंह ने कविता पाठ किया। संचालन डॉ. मोहम्मद जावेद ने किया। विभागाध्यक्ष प्रो. बीना रुस्तगी ने आभार जताया।
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