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गजरौला में घटे अति कुपोषित बच्चे, 253 से कम होकर संख्या पहुंची 203
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ब्लॉक क्षेत्र में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में शून्य से तीन वर्ष और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है, वहीं अति कुपोषित बच्चों की संख्या 253 से घटकर 203 पहुंच गई है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग हर छह महीने बाद शून्य से तीन वर्ष और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों व अति कुपोषित बच्चों का सर्वे कराता है। आंगनबाड़ी और आशा वर्कर घर-घर जाकर इस कार्य को करती हैं। इसके अलावा धात्री और गर्भवती महिलाओं का सर्वे कार्य हरेक महीने चलता है। शून्य से तीन और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के साथ ही अति कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री को पुष्टाहार मिल सके, इस मकसद से ही सर्वे कराया जाता है। विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जहां गर्भवती, धात्री महिलाओं, शून्य से तीन और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ, वहीं अति कुपोषित बच्चों की संख्या घट गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के खान-पान पर ध्यान देने और समय पर पुष्टाहार मिलने के कारण संख्या कम हुई है। यह अच्छा संकेत है।
ईद के कारण नहीं हो सका वजन दिवस
गजरौला। शासन की मंशा के अनुरूप हर महीने के प्रथम सप्ताह में बच्चों का वजन हो जाना चाहिए। इसके लिए वजन दिवस मनाया जाता है। आंगनबाड़ी व एएनएम पर बच्चों के वजन कराने की जिम्मेदारी होती है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन किया जाता है। जनपद में 1430 आंगनबाड़ी केंद्र और उनमें 1210 आंगनबाड़ी वर्कर हैं। मंगलवार को वजन दिवस मनाया जाना चाहिए था, लेकिन ईद के कारण यह कार्य नहीं हो सका। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब वजन दिवस बुधवार को मनाया जाएगा।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग हर छह महीने बाद शून्य से तीन वर्ष और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों व अति कुपोषित बच्चों का सर्वे कराता है। आंगनबाड़ी और आशा वर्कर घर-घर जाकर इस कार्य को करती हैं। इसके अलावा धात्री और गर्भवती महिलाओं का सर्वे कार्य हरेक महीने चलता है। शून्य से तीन और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के साथ ही अति कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री को पुष्टाहार मिल सके, इस मकसद से ही सर्वे कराया जाता है। विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जहां गर्भवती, धात्री महिलाओं, शून्य से तीन और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ, वहीं अति कुपोषित बच्चों की संख्या घट गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के खान-पान पर ध्यान देने और समय पर पुष्टाहार मिलने के कारण संख्या कम हुई है। यह अच्छा संकेत है।
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ईद के कारण नहीं हो सका वजन दिवस
गजरौला। शासन की मंशा के अनुरूप हर महीने के प्रथम सप्ताह में बच्चों का वजन हो जाना चाहिए। इसके लिए वजन दिवस मनाया जाता है। आंगनबाड़ी व एएनएम पर बच्चों के वजन कराने की जिम्मेदारी होती है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन किया जाता है। जनपद में 1430 आंगनबाड़ी केंद्र और उनमें 1210 आंगनबाड़ी वर्कर हैं। मंगलवार को वजन दिवस मनाया जाना चाहिए था, लेकिन ईद के कारण यह कार्य नहीं हो सका। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब वजन दिवस बुधवार को मनाया जाएगा।
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