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Amroha News: हाशमी दवाखाने के हकीम ताजुद्दीन हाशमी की हार्ट अटैक से मौत
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अमरोहा। देश भर में विख्यात हाशमी दवाखाने के हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी (48) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सुबह नमाज अदा करके घर लौटे हकीम ताजुद्दीन हाशमी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन बचाया नहीं जा सका। वह शहर के प्रसिद्ध हाशमी परिवार के दूसरे नंबर के बेटे थे। जो हाशमी दवाखाने का पूरा काम देखते थे। उनकी मौत के बाद घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। उधर, शहर के ही रहने वाले ठेकेदार शमशाद (35) की भी हार्ट अटैक से जान चली गई।
मृतक हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी के छोटे भाई थे। हाशमी दवाखाने की देखरेख वही करते थे। हाशमी दवाखाना देश दुनिया में पहचान रखता है। परिजनों के मुताबिक डॉ. ताजुद्दीन हाशमी बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे घर के पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। घर लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने यह बात अपने परिजनों को बताई। इससे पहले परिजन कुछ समझ पाते डॉ. ताजुद्दीन हाशमी बेहोशी की हालत में पहुंच गए। परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनकी मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। दिन भर उनके यहां लोगों की भीड़ पहुंचती रही और परिवार के लोगों का ढांढस बधाया। शव यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी। शाम को उनके शव का दफीना हो गया।
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उधर, मोहल्ला नौबतखाना किले वाली गली में रहने वाले शमशाद की भी मौत हो गई। वह बुधवार शाम घर में मौजूद थे। तभी अचानक उनके सीने में दर्द उठा और अचेत हो गए। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे डॉ. ताजुद्दीन हाशमी
अपने खानदानी काम को लेकर डॉ. ताजुद्दीन हाशमी ने अपनी लगन और मेहनत से आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाया। वैसे तो उनके बड़े भाई डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और छोटे भाई हकीम अयाजुद्दीन हाशमी भी हकीम हैं लेकिन अपने वालिद के बनाए दवाखाने को हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी ने ही वो पहचान दिलाई की, देश में ही नहीं पूरी दुनिया में उनकी बनाई दवाइयों की भारी डिमांड रहती थी। अगर आप ट्रेन से कहीं जा रहे हैं तो बाहर दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में हाशमी दवाखाना लिखा हुआ दिख जाएगा।
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नि:संतान दंपतियों के लिए हाशमी दवाखाना है लोकप्रिय
हाशमी दवाखाने का नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। मुख्य रूप से नि:संतान दंपतियों के लिए हाशमी दवाखाने का नाम काफी लोकप्रिय था। यही वजह रही की दुनिया के कई देशों से लोग इलाज के लिए उनके यहां आते थे। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी निधन की सूचना से अमरोहा में शोक की लहर दौड़ गई।
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मृतक हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी के छोटे भाई थे। हाशमी दवाखाने की देखरेख वही करते थे। हाशमी दवाखाना देश दुनिया में पहचान रखता है। परिजनों के मुताबिक डॉ. ताजुद्दीन हाशमी बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे घर के पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। घर लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने यह बात अपने परिजनों को बताई। इससे पहले परिजन कुछ समझ पाते डॉ. ताजुद्दीन हाशमी बेहोशी की हालत में पहुंच गए। परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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उनकी मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। दिन भर उनके यहां लोगों की भीड़ पहुंचती रही और परिवार के लोगों का ढांढस बधाया। शव यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी। शाम को उनके शव का दफीना हो गया।
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उधर, मोहल्ला नौबतखाना किले वाली गली में रहने वाले शमशाद की भी मौत हो गई। वह बुधवार शाम घर में मौजूद थे। तभी अचानक उनके सीने में दर्द उठा और अचेत हो गए। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे डॉ. ताजुद्दीन हाशमी
अपने खानदानी काम को लेकर डॉ. ताजुद्दीन हाशमी ने अपनी लगन और मेहनत से आसमान की बुलंदियों तक पहुंचाया। वैसे तो उनके बड़े भाई डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और छोटे भाई हकीम अयाजुद्दीन हाशमी भी हकीम हैं लेकिन अपने वालिद के बनाए दवाखाने को हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी ने ही वो पहचान दिलाई की, देश में ही नहीं पूरी दुनिया में उनकी बनाई दवाइयों की भारी डिमांड रहती थी। अगर आप ट्रेन से कहीं जा रहे हैं तो बाहर दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में हाशमी दवाखाना लिखा हुआ दिख जाएगा।
नि:संतान दंपतियों के लिए हाशमी दवाखाना है लोकप्रिय
हाशमी दवाखाने का नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। मुख्य रूप से नि:संतान दंपतियों के लिए हाशमी दवाखाने का नाम काफी लोकप्रिय था। यही वजह रही की दुनिया के कई देशों से लोग इलाज के लिए उनके यहां आते थे। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक हकीम डॉ. ताजुद्दीन हाशमी निधन की सूचना से अमरोहा में शोक की लहर दौड़ गई।