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Amroha News: गुरु जंभेश्वर का जीवन व्यावहारिक मिठास व करुणा का प्रतीक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:21 AM IST
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Guru Jambheshwar's life was a symbol of practical kindness and compassion.
अमरोहा के जेएस पीजी कॉलेज आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में किताब का विमोचन करते अति​थि। स्रोत कॉले
अमरोहा। जेएस हिंदू पीजी कॉलेज में गुरु जंभेश्वर का दार्शनिक चिंतन विषय पर भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन से की। विश्वविद्यालय का कुलगीत (विश्व में चमके निरंतर विश्वविद्यालय हमारा) ऐश्वर्या एवं उनके साथियों ने गाया। सबदवाणी के टीकाकार, स्वामी कृष्णानंद महाराज ने अमरोहा को आम की मिठास और व्यवहार की मिठास की नगरी बताया। कहा कि गुरु जंभेश्वर का संपूर्ण जीवन भी व्यावहारिक मिठास और करुणा का प्रतीक है। उन्होंने हिंदू परंपरा में गुरु गोरखनाथ और गुरु जंभेश्वर के दर्शन की समानताओं पर प्रकाश डाला।
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कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने कहा कि गुरु जंभेश्वर द्वारा प्रतिपादित 29 नियम एक आदर्श जीवनशैली के प्रतिमान हैं। उन्होंने गुरु जंभेश्वर को पर्यावरणीय परिस्थितियों का प्रथम दृष्टा बताते हुए कहा कि वह कार्सिनोजेनिक तत्वों के खिलाफ पर्यावरण-संरक्षण के सृजनकर्ता थे। उन्होंने गुरु जंभेश्वर के दर्शन को मूल्यों का उत्प्रेरक बताया।
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प्रो. विनय विद्यालंकार ने कहा कि आधुनिक युग में विज्ञान ने धर्म का स्थान लेने का प्रयास किया है, किंतु दोनों का समन्वय ही मानवता के लिए कल्याणकारी है।
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संगोष्ठी के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश मिश्र ने कहा कि गुरु जंभेश्वर का दर्शन तुलनात्मक अध्ययन का सशक्त आधार प्रदान करता है। वहीं, प्राचार्य प्रो. वीर वीरेंद्र सिंह ने बीएसएफ द्वारा काले हिरण के संरक्षण को गुरु जंभेश्वर भगवान की शिक्षा और दीक्षा का जीवंत उदाहरण बताया।

प्रबंध समिति के अध्यक्ष संजय मालीवाल और मंत्री योगेश कुमार जैन ने आयोजन की सराहना की। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इस दो दिवसीय में 350 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया है। लगभग आठ राज्यों के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों और शोधार्थियों इस संगोष्ठी में भाग ले रहे हैं। डाॅ. अरविंद कुमार द्वारा संपादित पुस्तक दयानंद दर्शन के विविध आयाम का भी विमोचन हुआ। संगोष्ठी के चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
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