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तेजी से घट रही हरियाली, जिले में बचा महज 3.82 प्रतिशत वनक्षेत्र

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 11:36 PM IST
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Greenery decreasing rapidly, only 3.82 percent forest area left in the district
अमरोहा। जिले में विकास के नाम पर आम के बागों में पेड़ों के अंधाधुंध कटान हो रहा है। इसके चलते वन क्षेत्र सिकुड़ने लगा है। फिलहाल जिले में महज 3.82 प्रतिशत वन क्षेत्र हैं। जबकि मानक के अनुसार वन क्षेत्र का रकबा 33 प्रतिशत होना चाहिए। यह भविष्य के लिए खतरे का संकेत हैं। अधिक संख्या में पौधरोपण और उसके संरक्षण पर जोर देने की जरूरत है।
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कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सीजन के लिए मारामारी का दौर सबसे सामने था। इसके बाद भी लोग हरियाली को तेजी से खत्म कर रहे हैं। जिले में वन क्षेत्र 11,859.32 हेक्टेयर में फैला है। शहर के आस पास, हसनपुर और धनौरा के इलाके में आम के बाग की कटान में तेजी आई है। इसके लिए प्लाटिंग की जा रही है। ताकि कंक्रीट के मकान बनाए जा सके। पर्यावरण के विरोधी हसनपुर और शहर में कई जगहों पर केमिकल डाल कर पेड़ों को सुखा रहे हैं। इसके चलते पर्यावरण के प्रदूषण के आंकड़े में बढ़ोतरी हो रही है। गजरौला में फैक्टरी के धुआं से वातावरण जहरीला हो रहा है। इसके अलावा भूजल भी प्रदूषित हो रहा है। वहीं जल क्षेत्रों मे जलीय जीव की संख्या में कमी आ रही है। इसके चलते मौसम चक्र में बदलाव आ गया है। लिहाजा गर्मी में बेतहाशा बढ़ोरीरी हो रही है। बारिश के समय से नहीं होने से किसान भी प्रभावित है। दरअसल मानसून समय से दस्तक नहीं दे रहा है। वहीं गजरौला समेत अन्य जगहों पर औद्योगिक क्षेत्र बढ़ते जा रहे हैं।
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एक पेड़ लगाए, बच्चों के जन्म या जन्मदिवस पर भी
पर्यावरण विशेषज्ञों ने पौधों के रोपने के साथ ही उसके संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि एक पौधे जरूर लगाए इसके अलावा बच्चों के जन्म या जन्मदिन पर भी पौधे रोपे। इससे बेहतर वातावरण हो सकता है।
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जिने में 3.82 प्रतिशत वन क्षेत्र है। कुल 11,859.32 हेक्टेयर में वन क्षेत्र फैला है। बेहतर वातावरण के लिए एक तिहाई क्षेत्र में वन क्षेत्र होना चाहिए। जिले में औद्योगिक गतिविधि अधिक है।
देवमणि मिश्र, डीएफओ
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