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सरकारी विद्यालय खुले, किताबें शासन स्तर फंसी
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बेसिक शिक्षा विभाग में विद्यालय खुलने के दो महीने बाद भी बच्चे बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रीष्मावकाश के बाद में स्कूल खुल गए हैं, लेकिन शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बच्चों को पुरानी किताबें भी नहीं मिल सकी हैं।
जिले में 1263 परिषदीय विद्यालयों है। जिनमें करीब 1.50 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। 20 मई को ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गया। बेसिक शिक्षा विभाग में एक अप्रैल को नया सत्र शुरू हुआ था। जबकि 16 जून से विद्यालय फिर से खुल गए हैं, लेकिन अब तक किताबों की आपूर्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है। किताबों के अभाव में विद्यालय जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में बाधा पैदा हो रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही किताबों का वितरण पूरा करने की बात की जा रही है। शिक्षकों ने अगली कक्षा में प्रवेश करने वाले बच्चों से फटी-पुरानी पुस्तकें प्राप्त की हैं, लेकिन ये किताबें भी बहुत कम बच्चों को मिली है। ऐसे में करीब 60 फीसदी बच्चों पर पुरानी किताबें भी नहीं हैं। विभागीय अधिकारी किताबों की व्यवस्था नहीं कर सके। ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही हैं। जल्द की किताबें उपलब्ध हो जाएंगी।
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जिले में 1263 परिषदीय विद्यालयों है। जिनमें करीब 1.50 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। 20 मई को ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गया। बेसिक शिक्षा विभाग में एक अप्रैल को नया सत्र शुरू हुआ था। जबकि 16 जून से विद्यालय फिर से खुल गए हैं, लेकिन अब तक किताबों की आपूर्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है। किताबों के अभाव में विद्यालय जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में बाधा पैदा हो रही है। विभागीय अधिकारियों की माने तो शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही किताबों का वितरण पूरा करने की बात की जा रही है। शिक्षकों ने अगली कक्षा में प्रवेश करने वाले बच्चों से फटी-पुरानी पुस्तकें प्राप्त की हैं, लेकिन ये किताबें भी बहुत कम बच्चों को मिली है। ऐसे में करीब 60 फीसदी बच्चों पर पुरानी किताबें भी नहीं हैं। विभागीय अधिकारी किताबों की व्यवस्था नहीं कर सके। ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही हैं। जल्द की किताबें उपलब्ध हो जाएंगी।
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