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गायत्री परिवार ने नौ कुंडीय महायज्ञ में दी आहूति
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नौगांवा सादात(अमरोहा)। जिला गायत्री परिवार अमरोहा ने गायत्री चेतना केंद्र बादशाहपुर में मां सरस्वती के अवतरण दिवस, वसंत पंचमी और गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित आचार्य श्रीराम शर्मा का आध्यात्मिक जन्मदिवस मनाया। नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। जिसमें हजारों अनुयायी परिजनों के साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के सामने द्वीप प्रज्ज्वलित कर पूजा की गई। ओमपाल सिंह और अनिल शर्मा ने प्रज्ञा गीत प्रस्तुत किए। टोली नायक रमेश सैनी ने कहा कि आज के दिन विद्या और बुद्धि की प्रदाता मां सरस्वती देवी का भगवान ब्रह्मा के द्वारा अवतरण कराया। यह पर्व ऋतु परिवर्तन का पर्व है। इस दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है। छोटे-छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी मां सरस्वती देवी की पूजा के साथ कराया जाता है। वसंत ऋतु में प्रकृति अपने उल्लास में होती है। चारों ओर पीली सरसों के खेत लहलहा रहे होते हैं। जिन्हें देखकर ही मन में हर्ष और उल्लास भर उठता है। मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी तुलसी राम दुबे ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्मदिवस पर प्रकाश डाला। डॉ. संयुक्ता चौहान ने बाल संस्कारों पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। सभी महिलाओं से अपने बालकों को सुसंस्कारित जीवन प्रदान करने को प्रेरित किया। उमाचरण व्यास ने जल संचय, स्वच्छता अभियान और गंगा को निर्मल और स्वच्छ रखने के लिए श्रद्धालुओं का आह्वान किया। इस दौरान शिशुपाल सिंह चौहान, महारुद्र, रमेश प्रजापति, डॉ मनीष चौहान, पूरन सिंह चौहान, करंन सिंह, कालीचरण, नरेश यादव, मनिंदर सिंह, नवीन त्यागी एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के सामने द्वीप प्रज्ज्वलित कर पूजा की गई। ओमपाल सिंह और अनिल शर्मा ने प्रज्ञा गीत प्रस्तुत किए। टोली नायक रमेश सैनी ने कहा कि आज के दिन विद्या और बुद्धि की प्रदाता मां सरस्वती देवी का भगवान ब्रह्मा के द्वारा अवतरण कराया। यह पर्व ऋतु परिवर्तन का पर्व है। इस दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है। छोटे-छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी मां सरस्वती देवी की पूजा के साथ कराया जाता है। वसंत ऋतु में प्रकृति अपने उल्लास में होती है। चारों ओर पीली सरसों के खेत लहलहा रहे होते हैं। जिन्हें देखकर ही मन में हर्ष और उल्लास भर उठता है। मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी तुलसी राम दुबे ने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्मदिवस पर प्रकाश डाला। डॉ. संयुक्ता चौहान ने बाल संस्कारों पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। सभी महिलाओं से अपने बालकों को सुसंस्कारित जीवन प्रदान करने को प्रेरित किया। उमाचरण व्यास ने जल संचय, स्वच्छता अभियान और गंगा को निर्मल और स्वच्छ रखने के लिए श्रद्धालुओं का आह्वान किया। इस दौरान शिशुपाल सिंह चौहान, महारुद्र, रमेश प्रजापति, डॉ मनीष चौहान, पूरन सिंह चौहान, करंन सिंह, कालीचरण, नरेश यादव, मनिंदर सिंह, नवीन त्यागी एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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