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Amroha News: गंगा का जलस्तर 35 सेमी घटा लेकिन खतरा बरकरार
Mon, 11 Aug 2025 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 11 Aug 2025 02:04 AM IST
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गजरौला के कांकाठेर में भरा बाढ़ का पानी व खराब हुई फसल। संवाद
- फोटो : संवाद
गजरौला। बिजनौर बैराज से रविवार सुबह व शाम को 1.29-1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ गया है। हालांकि, 24 घंटे में तिगरी में जलस्तर 35 सेंटीमीटर घटकर 200.75 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 202 मीटर से अभी 1.25 मीटर दूर रह है लेकिन बाढ़ से प्रभावित गांवों में लोगों भी मुसीबतें अभी भी कम नहीं हुई हैं। सब्जियों की फसल को बाढ़ का पानी लील गया।
शनिवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 200.80 मीटर दर्ज किया गया था जो खतरे के निशान 202 मीटर से 1.20 मीटर दूर था। रविवार सुबह और शाम के समय बिजनौर बैराज से गंगा में 1.29-1.29 लाख क्यूसके पानी छोड़ा गया। वहीं, रविवार को गंगा के जलस्तर में 35 दर्ज की कमी दर्ज की गई। तिगरी में रविवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 200.75 मीटर दर्ज किया गया।
किसानों की सब्जी की फसलें भी हुईं बर्बाद
उधर, पानी कम होने के बावजूद दारानगर, शीशों वाली, टीकों वाली, ढाकों वाली, ओसीता जगदेवपुर, तिगरी आदि गांवों के ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। बाढ़ का पानी भर जाने के कारण उपरोक्त गांवों के खेतों में खड़ी सब्जी की फसल बर्बाद हो गईं। तोरई, लोभिया, सेम की बेल सूख गई हैं। बाजरा, ज्वार, मक्का आदि की फसलों को भी बाढ़ ने सुखा दिया है। जो गांव गंगा से दूर हैं, उनमें भी बाढ़ का नुकसान हुआ है। कांकाठेर में सब्जियों की हजारों बीघे फसल बाढ़ के कारण सूख गई। सड़क किनारे घरों में बाढ़ का पानी भरा है। बाढ़ खंड विभाग के अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार कम हो रहा है।
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शनिवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 200.80 मीटर दर्ज किया गया था जो खतरे के निशान 202 मीटर से 1.20 मीटर दूर था। रविवार सुबह और शाम के समय बिजनौर बैराज से गंगा में 1.29-1.29 लाख क्यूसके पानी छोड़ा गया। वहीं, रविवार को गंगा के जलस्तर में 35 दर्ज की कमी दर्ज की गई। तिगरी में रविवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 200.75 मीटर दर्ज किया गया।
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किसानों की सब्जी की फसलें भी हुईं बर्बाद
उधर, पानी कम होने के बावजूद दारानगर, शीशों वाली, टीकों वाली, ढाकों वाली, ओसीता जगदेवपुर, तिगरी आदि गांवों के ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। बाढ़ का पानी भर जाने के कारण उपरोक्त गांवों के खेतों में खड़ी सब्जी की फसल बर्बाद हो गईं। तोरई, लोभिया, सेम की बेल सूख गई हैं। बाजरा, ज्वार, मक्का आदि की फसलों को भी बाढ़ ने सुखा दिया है। जो गांव गंगा से दूर हैं, उनमें भी बाढ़ का नुकसान हुआ है। कांकाठेर में सब्जियों की हजारों बीघे फसल बाढ़ के कारण सूख गई। सड़क किनारे घरों में बाढ़ का पानी भरा है। बाढ़ खंड विभाग के अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार कम हो रहा है।
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