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Amroha News: गंगा खतरे के निशान के करीब, गांवों में घुसा पानी
Thu, 07 Aug 2025 02:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 07 Aug 2025 02:26 AM IST
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गजरौला। क्षेत्र और पहाड़ों में बारिश से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर दर्ज किया है जो खतरे के निशान से सिर्फ 1.30 मीटर दूर है। उधर, बुधवार शाम चार बजे भी बिजनौर बैराज से 3.50 लाख क्यूसेक और भीमगौड़ा से 3.62 लाख पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जल स्तर खतरे के निशान को छू सकता है।
उधर, खादर क्षेत्र के गांव दारानगर और शीशोंवाली में बाढ़ का पानी घुस गया है। दोनों गांवों के रास्ते पर गंगा का पानी भर गया है। तिगरी में झोंपड़ी जलमग्न हो गईं। तिगरी के श्मशान घाट में पानी भर जाने से सड़क किनारे शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ खंड विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। तहसीलदार ने मुनादी कराकर लोगों से कोई भी गंगा पार खेतों में न जाए। जो पार टापू में हैं, उनसे भी गांव आने को कहा है। उधर, बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे।
बुधवार सुबह बिजनौर बैराज से गंगा में 226599 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम चार बजे 3.50 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ गया, जबकि भीमगौड़ा से 3.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बिजनौर बैराज से छोड़ा पानी अमरोहा जिले में करीब 8 घंटे में पहुंचता है। बृहस्पतिवार तड़के तक पानी जिले में आने पर जल स्तर में काफी इजाफा होगा। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि यह खतरे के निशान को छू सकता है। वहीं, भीमगौड़ा से छोड़ा गया पानी जिले में आने में 30 घंटे का समय लगता है।
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बुधवार सुबह छोड़े गए पानी से गंगा का जलस्तर बढ़कर 200.70 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान 202 मीटर से 1.30 मीटर दूर है। बुधवार को 24 घंटे में गंगा जल के स्तर में 40 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इससे निचले इलाके के खेतों में ही नहीं बल्कि ऊंचे खेतों में भी बाढ़ का पानी भर गया है। तिगरी की झोंपड़ी जल मग्न हो गईं। लोग सामान समेटकर ले गए।
उधर टापू में बसे दारानगर व शीशोंवाली में पानी आबादी में पहुंच गया। इसके ढाकों वाली समेत अन्य गांवों के पास भी पानी पहुंच गया है। इससे बाढ़ खंड विभाग के साथ ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया है।
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उधर, खादर क्षेत्र के गांव दारानगर और शीशोंवाली में बाढ़ का पानी घुस गया है। दोनों गांवों के रास्ते पर गंगा का पानी भर गया है। तिगरी में झोंपड़ी जलमग्न हो गईं। तिगरी के श्मशान घाट में पानी भर जाने से सड़क किनारे शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ खंड विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। तहसीलदार ने मुनादी कराकर लोगों से कोई भी गंगा पार खेतों में न जाए। जो पार टापू में हैं, उनसे भी गांव आने को कहा है। उधर, बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे।
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बुधवार सुबह बिजनौर बैराज से गंगा में 226599 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम चार बजे 3.50 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ गया, जबकि भीमगौड़ा से 3.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बिजनौर बैराज से छोड़ा पानी अमरोहा जिले में करीब 8 घंटे में पहुंचता है। बृहस्पतिवार तड़के तक पानी जिले में आने पर जल स्तर में काफी इजाफा होगा। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि यह खतरे के निशान को छू सकता है। वहीं, भीमगौड़ा से छोड़ा गया पानी जिले में आने में 30 घंटे का समय लगता है।
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बुधवार सुबह छोड़े गए पानी से गंगा का जलस्तर बढ़कर 200.70 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान 202 मीटर से 1.30 मीटर दूर है। बुधवार को 24 घंटे में गंगा जल के स्तर में 40 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इससे निचले इलाके के खेतों में ही नहीं बल्कि ऊंचे खेतों में भी बाढ़ का पानी भर गया है। तिगरी की झोंपड़ी जल मग्न हो गईं। लोग सामान समेटकर ले गए।
उधर टापू में बसे दारानगर व शीशोंवाली में पानी आबादी में पहुंच गया। इसके ढाकों वाली समेत अन्य गांवों के पास भी पानी पहुंच गया है। इससे बाढ़ खंड विभाग के साथ ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया है।