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Amroha News: सदभाव की मिसाल गजरौला की रामलीला, मुस्लिम भी देते हैं योगदान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:45 AM IST
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Gajraula's Ramlila: A shining example of communal harmony; Muslims also contribute.
गजरौला। दशहरे से पहले रामलीला का मंचन हर शहर से लेकर कस्बे और गांव-गांव में होना सामान्य परंपरा है लेकिन गजरौला में इस आयोजन को खास बनाती है यहां की गंगा-जमुनी संस्कृति। ऐसे वक्त में जहां धर्म और मजहब के आधार पर बंटकर लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं, वहीं गजरौला की रामलीला के आयोजन में मुस्लिम समाज के कुछ लोग बढ़-चढ़कर योगदान देते हैं।
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नगर में श्री रामलीला प्रबंध समिति की तरफ से मोहल्ला बस्ती के अवंतिका पार्क में 99वें रामलीला महोत्सव का आयोजन 22 अक्तूबर तक होगा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष राम प्रकाश गर्ग और प्रबंधक शैलेष गर्ग उर्फ सोनू गर्ग हैं। राहुल कौशिक संरक्षक, सुबोध सिंघल उपाध्यक्ष, विपिन कौशिक महामंत्री और गौरव गोयल उर्फ गोनू संगठन मंत्री हैं।
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समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष आयोजन की शुरुआत के लिए करीब 15 दिन पूर्व चंदा एकत्र करने निकले थे। उद्देश्य था कि सामूहिक आर्थिक सहयोग से महोत्सव को भव्य रूप दिया सके। पदाधिकारियों ने बताया कि खुशी इस बात की है कि चंदा एकत्र करने की शुरुआत पूर्व विधायक अशफाक अली खान के पास जाकर की, जिसके नतीजे उत्साहबर्धक रहे। नौगावां सादात सीट से सपा विधायक रहे अशफाक अली ने न सिर्फ खुशमिजाजी के साथ खुद चंदा दिया, बल्कि कई और लोगों से भी दिलाया।
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रामलीला प्रबंध समिति पदाधिकारियों ने बताया कि अशफाक अली खान पिछले करीब 20 साल से रामलीला महोत्सव को लगातार चंदा देते आ रहे हैं। साथ ही आयोजन में अन्य तरह के सहयोग के लिए भी आगे रहते हैं।
पदाधिकारियों के मुताबिक इसी तरह टोकरा पट्टी के ग्राम प्रधान रियासत मलिक ने भी रामलीला महोत्सव के आयोजन के लिए उत्साह के साथ आर्थिक योगदान दिया। वह भी तीन साल से इसी तरह रामलीला के लिए आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा सभासद सरताज उर्फ कलुआ, साबिर ठेकेदार, अमजद अली भी रामलीला महोत्सव के आयोजन में मदद करने से कभी पीछे नहीं रहे। प्रबंध समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे उदाहरण सामान्य नहीं हैं, इसीलिए हमारे यहां की रामलीला अन्य स्थानों से अलग है।

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पूर्व मंत्री रमाशंकर कौशिक से मिली प्रेरणा
गजराैला। रामलीला महोत्सव पहले अग्रसेन बाजार में आयोजित किया जाता था। महोत्सव देखने के लिए हर वर्ष भीड़ बढ़ने लगी तो जगह कम पड़ जाती थी। सपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल पूर्व मंत्री अवंतिका नगर निवासी (अब दिवंगत) रमाशंकर कौशिक ने अवंतिका पार्क में रामलीला महोत्सव का आयोजन शुरू कराया। यह पार्क जिला पंचायत का है। पूर्व विधायक अशफाक अली खान उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। उनका कहना है कि कौशिक जी की प्रेरणा से पार्क में महोत्सव शुरू होने के दौरान से ही वह स्वयं भी प्रबंध समिति से जुड़ गए। महोत्सव में चंदा या जरूरत के हिसाब से योगदान देने को अपना सौभाग्य बताते हैं। पूर्व विधायक ने अपने गांव में चामुंडा मंदिर के सौंदर्यकरण के लिए भी 11 हजार रुपये का योगदान दिया था।
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