{"_id":"5f8212168ebc3e5fab3981d0","slug":"fraud-jpnagar-news-mbd365605690","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्यापक से बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अध्यापक से बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख ठगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। निजी स्कूल में तैनात अध्यापक ने बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। आरोपी ने अध्यापक के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी ले लिए। नौकरी नहीं लगने पर पीड़ित अध्यापक ने रुपये मांगे तो आरोपी धमकी देने लगा। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी गांव निवासी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
धोखाधड़ी की यह घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के देहरा गांव की है। यहां योगेंद्र कुमार का परिवार रहता है। वह गजरौला के एक निजी स्कूल में अध्यापक है। अगस्त 2020 में उसकी बात थानाक्षेत्र के याहियापुर गांव निवासी विनीत शर्मा से हुई थी। आरोप के मुताबिक विनीत शर्मा ने पीड़ित से यूनियन बैंक में नौकरी निकलने की बात कही थी। कहा कि उसकी बैंक विभाग के उच्चधिकरियों से जान पहचान है। इसलिए वह नौकरी लगवा सकता है। उसके झांसे में आकर योगेंद्र ने सिंह ने अपने छोटे भाई की नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपये दे दिए। बाद में विनीत ने उसे फर्जी ज्वाइनिंग लैटर भी लाकर दिया। जब बैंक में जाकर ज्वाइनिंग लैटर दिखाया तो वह फर्जी निकला। कई बार विनीत ने पैसे मांगे तो वह टालने लगा। बाद में पैसे देने से इंकार कर दिया। अब धमकी दे रहा है। पीड़ित योगेंद्र की तहरीर पर विनीत के खिलाफ धोखाधड़ी का एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
धोखाधड़ी की यह घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के देहरा गांव की है। यहां योगेंद्र कुमार का परिवार रहता है। वह गजरौला के एक निजी स्कूल में अध्यापक है। अगस्त 2020 में उसकी बात थानाक्षेत्र के याहियापुर गांव निवासी विनीत शर्मा से हुई थी। आरोप के मुताबिक विनीत शर्मा ने पीड़ित से यूनियन बैंक में नौकरी निकलने की बात कही थी। कहा कि उसकी बैंक विभाग के उच्चधिकरियों से जान पहचान है। इसलिए वह नौकरी लगवा सकता है। उसके झांसे में आकर योगेंद्र ने सिंह ने अपने छोटे भाई की नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपये दे दिए। बाद में विनीत ने उसे फर्जी ज्वाइनिंग लैटर भी लाकर दिया। जब बैंक में जाकर ज्वाइनिंग लैटर दिखाया तो वह फर्जी निकला। कई बार विनीत ने पैसे मांगे तो वह टालने लगा। बाद में पैसे देने से इंकार कर दिया। अब धमकी दे रहा है। पीड़ित योगेंद्र की तहरीर पर विनीत के खिलाफ धोखाधड़ी का एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन