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Amroha News: खेतों में बाढ़ का पानी भरा, श्मशान स्थल भी जलमग्न

Fri, 22 Aug 2025 02:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 22 Aug 2025 02:53 AM IST
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Flood water filled the fields, cremation ground also submerged
गजरौला के चकनवाला सामने बाढ़ से कटी सड़क पर भरा पानी। संवाद - फोटो : अमर उजाला।
गजरौला। बिजनौर बैराज से बृहस्पतिवार को 1,64,081 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर पर स्थिर रहा। उधर, बाढ़ का पानी खेतों में भरा होने से किसानों को दिक्कत हो रही है और श्मशान स्थल जलमग्न होने से सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने पड़ रहे हैं।
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बुधवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर पर दर्ज किया गया था। 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार को भी जलस्तर 200.70 मीटर ही रहा जबकि बिजनौर बैराज से 164081 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उधर, तिगरी का श्मशान स्थल जलमग्न हो गया। इस कारण लोग सड़क किनारे शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12.30 बजे तिगरी-कांकाठेर मार्ग पर कई चिता जल रही थीं। बाढ़ खंड विभाग के जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि जलस्तर में कोई इजाफा नहीं हुआ है।
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सड़कों की दुश्मन बनी बाढ़
गजरौला। गंगा में आई बाढ़ फसलों के साथ ही सड़कों की दुश्मन बन गई। बाढ़ के कारण तिगरी-ओसीता जगदेवपुर मार्ग की सड़क दोनों साइड से कट गई। लोक निर्माण विभाग को कटान रोकने के लिए मिट्टी भरकर बोरी लगानी पड़ी हैं। वहीं चकनवाला से शीशों वाली गांव को जाने वाली सड़क कई दिन पहले कट गई थी। इससे 20 गांवों के ग्रामीण निकलते हैं। बाढ़ का पानी कम होने से सड़क में बने गड्ढे साफ दिखाई दे रहे हैं। उधर, कटान से सड़क में बना एक बड़ा नाला परेशानी का सबब बना है। उसमें दो से तीन फीट पानी है। जिससे बाइक आदि नहीं निकल सकती। लोग पैदल या ट्रैक्टर-ट्रॉली से पार होते हैं।
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बाढ़ से नष्ट हुईं फसलों का मुआवजा देने की मांग

मंडी धनौरा। ब्लॉक परिसर में बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन बीआरएसएस की बैठक आयोजित की गई। इसमें संगठन के पदाधिकारियों ने खादर क्षेत्र के गांवो में बाढ़ से नष्ट हुई फसलों के नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही गांव आजमपुर में चल रही चकबंदी को बंद करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि क्षेत्र के 12 से ज्यादा गांवों पपसरी खादर, मुकारमपुर, मोहसनपुर, शाहजहांपुर, इब्राहीमपुर, झुंडपुरा, रमपुरा खादर, आशुवाला, रसूलपुर, भांवर आदि में बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंचा है। पिछले एक महीने से वहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को पशुओं का चारे के लिए दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन करा कर मुआवजा दिलाने की मांग की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्र में सिंथेटिक दूध बनाने व उसकी बिक्री पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की गई। इस दौरान नानक सिंह, गुरवचन सिंह, मंजू चौहान, अवनीश शर्मा, समरपाल सिंह, नौ सिंह मौजूद रहे।
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